दूसरी ‘कांदा एक्सप्रेस’ 840 टन प्याज लेकर चेन्नई पहुंची; तमिलनाडु पीडीएस के ज़रिये बांटेगा

दूसरी 'कांदा एक्सप्रेस' 840 टन प्याज लेकर चेन्नई पहुंची; तमिलनाडु पीडीएस के ज़रिये बांटेगा

दूसरी ‘कांदा एक्सप्रेस’ 840 टन प्याज लेकर चेन्नई पहुंची; तमिलनाडु पीडीएस के ज़रिये बांटेगा
Modified Date: September 1, 2026 / 06:37 pm IST
Published Date: September 1, 2026 6:37 pm IST

नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि बफ़र स्टॉक से 840 टन प्याज लेकर जाने वाली दूसरी ‘कांदा एक्सप्रेस’ — एक खास रेलवे रैक — 31 अगस्त को चेन्नई पहुंची। तमिलनाडु सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के जरिये हर राशन कार्ड पर एक किलो प्याज देने की योजना बना रही है।

मंत्रालय ने बयान में कहा कि इन प्याज को तमिलनाडु के अलग-अलग जिलों में बांटे जाने की उम्मीद है।

इससे पहले पहली कांदा एक्सप्रेस 450 टन प्याज लेकर 27 अगस्त की देर रात दिल्ली पहुंची थी। इसमें से 140 टन प्याज वाराणसी, लखनऊ, चंडीगढ़ और अमृतसर भेजा गया था, जबकि बाकी प्याज दिल्ली-एनसीआर इलाके में बांटा गया था।

सरकार ने प्याज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मौसम के हिसाब से कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए हाइब्रिड ट्रांसपोर्ट मॉडल — जिसमें रेलवे रैक (कांदा एक्सप्रेस) और सड़क परिवहन दोनों शामिल हैं — के तहत प्याज के बफर स्टॉक को धीरे-धीरे जारी करना शुरू कर दिया है। कांदा एक्सप्रेस की दोनों खेप देश के प्याज केंद्र, नासिक से भेजी गई थीं।

रेल से ढुलाई के साथ-साथ, बाजार की मौजूदा स्थितियों और कीमतों के रुझान के आधार पर सड़क मार्ग से भी लगभग 1,000 टन प्याज बड़े खपत केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि उपलब्धता बेहतर हो सके और कीमतें काबू में रहें।

ज्यादा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 30 से ज्यादा ट्रक भेजकर 19 शहरों में खुदरा बिक्री बढ़ाई गई है। इनमें दिल्ली, जयपुर, जम्मू, देहरादून, शिमला, अमृतसर, चंडीगढ़, कोलकाता, गुवाहाटी, लखनऊ, वाराणसी, पटना, भोजपुर (बिहार), शरीफ (बिहार), भुवनेश्वर, चेन्नई, मदुरै, त्रिशूर और कोच्चि शामिल हैं।

ग्राहकों को सस्ती दरों पर प्याज उपलब्ध कराने के लिए एनसीसीएफ, नाफेड, केंद्रीय भंडार के बिक्री केंद्र और मोबाइल वैन के जरिये 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी वाली दर पर प्याज बेचा जा रहा है। अब तक लगभग 669 टन प्याज बेचा जा चुका है। इसमें 223 टन थोक चैनल के जरिये (ई-नाम पोर्टल और इसी तरह के ऑनलाइन मंच पर मंडी के मौजूदा भाव पर) और 446 टन देश भर में खुदरा चैनल के जरिये बेचा गया है।

मंत्रालय ने कहा कि नाफेड और एनसीसीएफ के जरिये 24 अगस्त को शुरू हुए ‘मूल्य स्थिरीकरण कोष’ (पीएसएफ) बफर से प्याज की बिक्री से बाजार में उपलब्धता बेहतर हुई है और कीमतों में कमी आई है, खासकर उन जगहों पर जहां प्याज की खेप पहुंच चुकी है, जैसे वाराणसी, अमृतसर, दिल्ली और आसपास के बाजार।

सरकार ने चालू वर्ष के लिए अपने बफ़र स्टॉक में 1.21 लाख टन प्याज रखा था।

बिक्री शुरू होने के अगले दिन से ही कीमतों में गिरावट आई है, और आगे आपूर्ति से कीमतों में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है।

इसके अलावा, सरकार ने कहा कि लगभग 3,400 प्याज किसानों को सीधे 210 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित हुआ है। सरकार ने प्याज किसानों का समर्थन करने और साथ ही उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त और किफायती उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

मंत्रालय ने कहा कि रेलवे रैक के जरिये बड़ी मात्रा में प्याज की ढुलाई और बिक्री के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय किए गए हैं।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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