कच्चे तेल में उछाल से सेंसेक्स 1,353 अंक फिसला, निफ्टी भी भारी नुकसान में

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कच्चे तेल में उछाल से सेंसेक्स 1,353 अंक फिसला, निफ्टी भी भारी नुकसान में

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  • Publish Date - March 9, 2026 / 06:21 PM IST,
    Updated On - March 9, 2026 / 06:21 PM IST

मुंबई, नौ मार्च (भाषा) स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 1,353 अंक का गोता लगा गया, जबकि एनएसई निफ्टी 422 अंक लुढ़क गया। पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच वैश्विक स्तर पर कमजोर रुख के साथ भारी बिकवाली से बाजार नीचे आया।

कारोबारियों के अनुसार, इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,352.74 अंक यानी 1.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,566.16 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 2,494.35 अंक यानी 3.16 प्रतिशत का गोता लगाकर 76,424.55 अंक पर आ गया था।

कुल 3,379 शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी जबकि 972 शेयर लाभ में रहे। वहीं 185 के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।

पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी भी 422.40 अंक यानी 1.73 प्रतिशत टूटकर 24,028.05 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 752.65 अंक यानी 3.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,697.80 अंक पर आ गया था।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया संघर्ष के दूसरे सप्ताह में प्रवेश करने और तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिखने के कारण बिकवाली तेज हो गई है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि से मुद्रास्फीति बढ़ने और आर्थिक वृद्धि को जोखिम है। इससे आरबीआई के नीतिगत रुख में जटिलताएं आने की संभावना है। अमेरिका में कुछ विशिष्ट कोषों में निकासी पर सीमा लगाये जाने की आशंका ने भी बिकवाली में योगदान दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद, वर्तमान चरण दीर्घकालिक निवेशकों के लिए अवसर प्रदान कर सकता है। औषधि और आईटी क्षेत्र में चुनिंदा लिवाली ने अधिक नुकसान को सीमित करने में मदद की। यह अल्पावधि में कमजोर होते रुपये के बीच रक्षात्मक रुख अपनाये जाने का संकेत है।’’

सेंसेक्स के शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट में सर्वाधिक 5.23 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक, इंटरग्लोब एविएशन और अदाणी पोर्ट्स भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहे।

दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक शामिल हैं।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 12.34 प्रतिशत चढ़कर 104.1 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अबतक के सबसे निचले स्तर 92.35 (अस्थायी) पर आ गया। वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच कारोबार के दौरान इसमें 53 पैसे की गिरावट आई। पश्चिम एशिया में संघर्ष गहराने के बीच डॉलर मजबूत हुआ।

ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार लगभग तीन प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ खुले और सत्र के अंत में बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में संघर्ष गहराने के साथ कच्चे तेल की कीमत 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गयी और भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। इससे मुद्रास्फीति और बाह्य संतुलन को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।”

छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 2.11 लुढ़क गया जबकि मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप 2.09 प्रतिशत नीचे आया।

एशिया के अन्य बाजारों दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की नुकसान में रहे। चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग भी नकारात्मक दायरे में बंद हुए।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले कारोबार में 6,971.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

शुक्रवार को सेंसेक्स 1,097 अंक टूटा था जबकि निफ्टी में 315.45 अंक की गिरावट आई थी।

पिछले सप्ताह, बीएसई सेंसेक्स 2,368.29 अंक यानी 2.91 प्रतिशत टूटा था जबकि निफ्टी 728.2 अंक यानी 2.89 प्रतिशत लुढ़का था।

भाषा रमण अजय

अजय