अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत विफल होने से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 703 अंक टूटा

अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत विफल होने से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 703 अंक टूटा

अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत विफल होने से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 703 अंक टूटा
Modified Date: April 13, 2026 / 04:32 pm IST
Published Date: April 13, 2026 4:32 pm IST

मुंबई, 13 अप्रैल (भाषा) स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 703 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी 208 अंक के नुकसान में रहा। अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के लिए बातचीत विफल होने के साथ संघर्ष लंबे समय तक जारी रहने की चिंता में कच्चे तेल के दाम में तेजी के बीच बाजार में गिरावट आई।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 702.68 अंक यानी 0.91 प्रतिशत टूटकर 76,847.57 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 1,681.93 अंक लुढ़क कर 75,868.32 अंक पर आ गया था।

एनएसई निफ्टी भी 207.95 अंक यानी 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,842.65 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में मारुति, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एचडीएफसी बैंक प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।

दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाली शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक शामिल हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हुई ऐतिहासिक 21 घंटे की वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला। इससे दो सप्ताह के युद्धविराम का भविष्य अनिश्चित हो गया है।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 7.73 प्रतिशत बढ़कर 102.6 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225 और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट मामूली बढ़त में रहा।

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘बाजारों को पिछले सप्ताह के युद्धविराम समझौते से सीमित समर्थन मिल रहा है। चुनिंदा लिवाली के साथ-साथ गिरावट पर लिवाली देखने को मिल रही है। अमेरिका-ईरान वार्ता के विफल होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा पर शुरुआती नकारात्मक प्रतिक्रिया के बावजूद यह देखने को मिल रहा है। हालांकि, वार्ता विफल होने से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गयी है।’’

नायर ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें मुद्रास्फीति, मुद्रा स्थिरता और वृहद आर्थिक संतुलन को लेकर चिंताएं बढ़ा रही हैं, जिससे कुल मिलाकर बाजार धारणा पर दबाव पड़ रहा है।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 672.09 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

सेंसेक्स शुक्रवार को 918.60 अंक बढ़कर 77,550.25 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 275.50 अंक चढ़कर 24,050.60 अंक पर रहा था।

भाषा रमण अजय

अजय


लेखक के बारे में