मुंबई, आठ जून (भाषा) स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही। दुनिया के अन्य प्रमुख शेयर बाजारों में नरमी तथा कच्चे तेल के दाम में फिर से तेजी से दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। बीएसई सेंसेक्स 719 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी में 244 अंक की गिरावट आई।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 719.08 अंक यानी 0.97 प्रतिशत टूटकर 73,524.26 अंक पर बंद हुआ। कारोबार दौरान, यह 924.4 अंक तक लुढ़क गया था।
पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 243.70 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,123 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, निफ्टी 296.55 अंक तक लुढ़क गया था।
सेंसेक्स के शेयरों में इटर्नल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में प्रमुख रूप से गिरावट रहे।
दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और भारती एयरटेल शामिल हैं।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 4.10 प्रतिशत चढ़कर 96.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग काफी नुकसान में रहे।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता आई है। इससे कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। साथ ही, वैश्विक प्रौद्योगिकी शेयरों में भी बिकवाली देखी गई है, क्योंकि निवेशक एआई की अगुवाई में तेजी के बने रहने पर सवाल उठाने लगे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सेमीकंडक्टर से जुड़े सूचकांकों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। वास्तव में मूल्यांकन अधिक होने से निवेशकों के अब अधिक निवेश से बचने के शुरुआती संकेत दिख रहे हैं। हालांकि, इसे रुख में बदलाव कहना अभी जल्दबाजी होगी।’’
इस बीच, शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 8,776.25 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘इजराइल और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद पहली बार मिसाइल हमले होने से वैश्विक बाजार में व्यापक गिरावट देखी गई। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि हाल में हुई राजनयिक प्रगति जल्द ही विफल हो सकती है।
उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका की संयम बरतने की अपील के बावजूद, तनाव के फिर से बढ़ने से क्षेत्रीय संघर्ष के लंबे समय तक चलने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में और अधिक समस्या आने की आशंकाएं बढ़ गई हैं।’’
सेंसेक्स शुक्रवार को 116.67 अंक टूटकर 74,243.34 अंक पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 49.85 अंक की गिरावट के साथ 23,366.70 अंक पर रहा था।
भाषा रमण अजय
अजय