आदित्यनाथ सटीक मौसम पूर्वानुमान के लिए यूपी-विशिष्ट उपग्रह का समर्थन करने को हैं इच्छुक

Ads

आदित्यनाथ सटीक मौसम पूर्वानुमान के लिए यूपी-विशिष्ट उपग्रह का समर्थन करने को हैं इच्छुक

  •  
  • Publish Date - June 8, 2026 / 04:43 PM IST,
    Updated On - June 8, 2026 / 04:43 PM IST

लखनऊ, आठ जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार समय पर मौसम की सटीक जानकारी प्रदान करने के लिए उत्तर प्रदेश-विशिष्ट उपग्रह विकसित करने के लिए हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है, जिससे अधिकारियों को बिजली, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में यहां एक कार्यक्रम में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की घोषणा के अवसर पर आदित्यनाथ ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाले राज्य के लिए सटीक मौसम पूर्वानुमान महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा,‘‘उत्तर प्रदेश सरकार अपना खुद का यूपी विशिष्ट उपग्रह चाहती है जो मौसम संबंधी सटीक जानकारी प्रदान करने में सक्षम हो। यदि ऐसा कोई यूपी-विशिष्ट उपग्रह विकसित किया जाता है, तो राज्य सरकार इसका समर्थन करने और सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए तैयार है।’’

उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी इसरो से इस संभावना पर चर्चा की थी ।

क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सिंह को धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना विकसित भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कदम है। राज्य के लोगों की ओर से, मैं प्रधानमंत्री और डॉ. जितेंद्र सिंह के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।’’

आदित्यनाथ ने कहा कि भारत में मौसम पूर्वानुमान में पिछले दशक के दौरान उल्लेखनीय परिवर्तन देखा गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘12 साल पहले, अगर मौसम विभाग बारिश की भविष्यवाणी करता था, तो लोग अक्सर मानते थे कि विपरीत होगा। आज, विभाग बारिश, तूफान और अन्य मौसम की घटनाओं के बारे में सटीक जानकारी प्रदान करता है। मैंने व्यक्तिगत रूप से इस बदलाव को देखा है।’’

हाल में उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आए तूफान के कारण जान-माल के नुकसान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियां काफी हद तक प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं लेकिन स्थानीय स्तर पर अधिक प्रतिक्रिया की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने घटना की समीक्षा की, तो पाया कि प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली ठीक से काम कर रही थी। हालांकि, स्थानीय प्रशासन को भी सक्रिय रहने और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि अलर्ट समय पर लोगों तक पहुंचे।’

आदित्यनाथ ने कहा,‘‘एक समय था , जब मिर्ज़ापुर, सोनभद्र और चंदौली जैसे जिलों में बिजली गिरने से हर साल 100 से 150 मौतें होती थीं। लेकिन प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली की शुरुआत के बाद, कई स्थानों पर यह आंकड़ा घटकर लगभग एक दर्जन हो गया है क्योंकि अलर्ट पहले से जारी किए जाते हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन ने मौसम के मिजाज को बदल दिया है तथा कृषि और खाद्य सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

उन्होंने कहा,‘‘मौसम चक्र बदल गया है। यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो यह भविष्य में गंभीर खाद्यान्न संकट पैदा कर सकता है। मानव हितों के लिए प्रकृति के अत्यधिक दोहन ने इस स्थिति में योगदान दिया है।’’

किसानों के लिए समय पर मौसम की जानकारी के महत्व पर जोर देते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि सटीक पूर्वानुमान से फसल के नुकसान को कम करने, आजीविका की रक्षा करने और आर्थिक क्षति को कम करने में मदद मिल सकती है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ‘डॉपलर रडार नेटवर्क’ और उन्नत पूर्वानुमान बुनियादी ढांचे के विस्तार से उत्तर प्रदेश को लाभ होगा, जो अक्सर बाढ़ और बिजली गिरने जैसी चुनौतियों का सामना करता है।

भाषा अभिनव जफर

राजकुमार

राजकुमार