मुंबई, तीन जून (भाषा) भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को कहा कि भारत और अमेरिका अपने व्यापार समझौते में शेष एक प्रतिशत के गतिरोध को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं और उम्मीद है कि अगले कुछ सप्ताह के भीतर समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।
‘सिटी 2026 इंडिया कॉन्फ्रेंस’ में गोर ने कहा कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल इस समय समझौते पर बातचीत के लिए भारत में है।
एक अधिकारी के अनुसार, प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने के लिए भारत और अमेरिका के शीर्ष वार्ताकारों ने मंगलवार को तीन दिवसीय वार्ता शुरू की।
समझौते का प्रारूप फरवरी में तैयार कर लिया गया था। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उसके मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, जबकि भारत की ओर से वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन मुख्य वार्ताकार हैं।
गोर ने कहा, ‘‘अंतरिम व्यापार समझौते का अधिकांश हिस्सा तय हो चुका है। अब केवल एक प्रतिशत मुद्दा बचा है, जिसे अंतिम रूप देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि दोनों देशों के नेता इस पर हस्ताक्षर कर इसे औपचारिक और कानूनी रूप दे सकें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि यह काम अगले कुछ सप्ताह में पूरा हो जाएगा। इसमें वर्षों नहीं लगेंगे। हम समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं।’’
गोर ने 11 और 12 मार्च, 2026 को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) द्वारा बंधुआ मजदूरी और अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता से जुड़े मुद्दों पर 60 देशों के खिलाफ धारा-301 के तहत शुरू की गई जांच पर भी प्रतिक्रिया दी।
यूएसटीआर ने दो जून को बंधुआ मजदूरी से संबंधित जांच के निष्कर्ष जारी करते हुए 60 अर्थव्यवस्थाओं से आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था।
गोर ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क वैश्विक स्तर पर लागू किए गए हैं और उनका लक्ष्य विशेष रूप से भारत नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘ये शुल्क केवल भारत पर नहीं लगाए गए हैं। ये यूरोपीय संघ, कनाडा, मेक्सिको और जापान तथा दक्षिण कोरिया सहित एशिया के लगभग सभी देशों पर लागू किए गए हैं।’’
भाषा योगेश अजय
अजय