चांदी 2,000 रुपये लुढ़की, सोना 600 रुपये टूटा

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चांदी 2,000 रुपये लुढ़की, सोना 600 रुपये टूटा

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  • Publish Date - April 7, 2026 / 07:24 PM IST,
    Updated On - April 7, 2026 / 07:24 PM IST

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को चांदी की कीमतें 2,000 रुपये टूटकर 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गईं, जबकि सोना 600 रुपये के नुकसान के साथ 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। निवेशक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई उस समयसीमा से पहले सतर्क हो गए हैं, जिसमें उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग की थी।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत 2,000 रुपये, या लगभग एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) रह गई। सोमवार को बाज़ार बंद होने के समय इसकी कीमत 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम थी।

सर्राफा बाज़ार में, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी 600 रुपये या 0.4 प्रतिशत टूटकर 1,53,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) रह गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,53,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने बताया कि सोने की कीमतों पर तब दबाव बढ़ा जब ट्रंप ने ईरान को एक नयी चेतावनी दी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज़ को फिर से नहीं खोला गया, तो बिजली संयंत्रों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचों पर नए सिरे से सैन्य हमले किए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने मंगलवार की समयसीमा तय की थी।

ईरान ने इस चेतावनी को खारिज कर दिया और पूरे पश्चिम एशिया में ऊर्जा संपत्तियों पर अपने हमले जारी रखे।

वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोने की कीमत थोड़ी बढ़कर 4,659.16 डॉलर प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी लगभग एक प्रतिशत टूटकर 72.14 डॉलर प्रति औंस रह गई। यह विदेशी बाज़ारों में निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।

इस बीच, भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में चेतावनी दी है कि अगर ईरान कोई समझौता नहीं करता है, तो ‘‘आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी।’’

इस चेतावनी से सैन्य टकराव बढ़ने की आशंकाएं पैदा हो गई हैं। इन टिप्पणियों से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। न्यूयॉर्क में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 3.08 प्रतिशत बढ़कर 115.87 डॉलर प्रति बैरल हो गया, और ब्रेंट क्रूड एक प्रतिशत बढ़कर 110.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

विश्लेषकों के अनुसार, सर्राफा बाज़ारों में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है, क्योंकि निवेशक नए संकेतों के लिए पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों, कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलावों और अमेरिका के आने वाले वृहद आर्थिक आंकड़ों पर नज़र रखे हुए हैं।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय