मजबूत वैश्विक रुख के बीच चांदी में 1,500 रुपये का उछाल, सोना 400 रुपये टूटा

मजबूत वैश्विक रुख के बीच चांदी में 1,500 रुपये का उछाल, सोना 400 रुपये टूटा

मजबूत वैश्विक रुख के बीच चांदी में 1,500 रुपये का उछाल, सोना 400 रुपये टूटा
Modified Date: March 12, 2026 / 06:58 pm IST
Published Date: March 12, 2026 6:58 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) मजबूत वैश्विक रुख और पश्चिम एशिया संकट के बढ़ने के बीच बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 1,500 रुपये बढ़कर 2.76 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी 1,500 रुपये या 0.54 प्रतिशत बढ़कर 2,76,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर मिलाकर) पर पहुंच गई। बुधवार को यह 4,275 रुपये की गिरावट के साथ 2,75,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमतें 400 रुपये टूटने से तीन दिन की तेजी खत्म हो गई, और यह 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर मिलाकर) रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,65,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

विश्लेषकों ने कहा कि निवेशकों के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिका से वृहद आर्थिक संकेतों पर नज़र रखने के बीच सोना और चांदी उल्टी दिशा में चले गए।

लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध विश्लेषक, गौरव गर्ग ने कहा कि सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई, जो डॉलर के मज़बूत होने और महंगाई की लगातार चिंताओं के बीच मामूली गिरावट को दर्शाता है, जबकि चांदी में मजबूती दिखी क्योंकि कारोबारियों ने अमेरिका-ईरान की स्थिति से जुड़े भू-राजनीतिक तनाव के बीच संभावित खरीदारी के मौकों पर प्रतिक्रिया दिखाई।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर चांदी 1.25 डॉलर या 1.47 प्रतिशत बढ़कर 86.99 डॉलर प्रति औंस हो गई, और सोने में मामूली वृद्धि के साथ 5,178.45 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार हुआ।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषकों प्रवीण सिंह ने कहा, ‘‘हाजिर सोना कच्चे तेल की कीमतों के उलट कारोबार कर रहा है। सोना 5,100-5,250 डॉलर प्रति औंस के छोटे दायरे में कारोबार कर रहा है।’’

उन्होंने कहा कि ईरान ने चेतावनी दी है कि फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ने पर दुनिया को कच्चे तेल के दाम 200 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ने के लिए तैयार रहना चाहिए। एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक-जिंस सौमिल गांधी ने कहा कि निवेशकों का मानना ​​है कि ताजा अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) महंगाई रिपोर्ट अभी तक लगभग दो सप्ताह पहले पश्चिम एशिया संघर्ष के बढ़ने के बाद ईंधन की कीमतों में हालिया उछाल को पूरी तरह से नहीं दिखाती है।

गांधी ने कहा, ‘‘बढ़ती ऊर्जा कीमतों और मजबूत आर्थिक आंकड़ों के संयोजन ने अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल को बढ़ाया और डॉलर को समर्थन दिया, जिससे सोने और चांदी के लिए मुश्किलें पैदा हुईं।’’

उन्होंने कहा कि लगातार कीमतों के दबाव से बड़े केन्द्रीय बैंक मौद्रिक ढील को लेकर सतर्क रह सकते हैं, जिससे कीमती धातुओं पर अल्पावधिक दबाव बढ़ सकता है।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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