एसएमएल महिंद्रा को वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही तक ‘मार्जिन’ में सुधार की उम्मीद

एसएमएल महिंद्रा को वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही तक ‘मार्जिन’ में सुधार की उम्मीद

एसएमएल महिंद्रा को वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही तक ‘मार्जिन’ में सुधार की उम्मीद
Modified Date: September 11, 2026 / 12:10 pm IST
Published Date: September 11, 2026 12:10 pm IST

कोलकाता, 11 सितंबर (भाषा) एसएमएल महिंद्रा लिमिटेड के कार्यकारी चेयरमैन विनोद सहाय ने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक उसके परिचालन मार्जिन में सुधार होगा। कीमतों में आगे और बढ़ोतरी तथा लागत नियंत्रण के उपायों से इसमें मदद मिलेगी।

अप्रैल-जून तिमाही में लागत और कर्मचारियों पर बढ़े खर्च का मुनाफे पर असर पड़ा था।

सहाय ने बृहस्पतिवार शाम यहां बीएलएजो आई-टीआरके भारी वाणिज्यिक वाहन श्रृंखला पेश करते हुए संवाददाताओं से कहा कि कंपनी को सामग्री की लागत में कुल मिलाकर करीब पांच से छह प्रतिशत की महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।

सहाय ने कहा, ‘‘सामग्री की लागत पर कुल दबाव करीब पांच से छह प्रतिशत है, जबकि इस साल अप्रैल और जुलाई में दो चरणों में की गई कीमतों में बढ़ोतरी अब तक करीब पांच प्रतिशत है। हालांकि, बाजार में इन कीमत बढ़ोतरी को लागू होने में कुछ और महीने लगेंगे। हमें उम्मीद है कि बाजार के अनुरूप कीमतों में आगे बढ़ोतरी और लागत नियंत्रण के उपायों के जरिये चौथी तिमाही तक इस लागत दबाव की पूरी तरह भरपाई कर ली जाएगी और मार्जिन सामान्य स्तर पर लौट आएगा।’’

महिंद्रा समूह के समूह कार्यकारी बोर्ड के सदस्य सहाय ने कहा कि भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी संतुलित और बाजार के अनुरूप होगी।

मार्जिन पर दबाव का कारण कच्चे माल और कर्मचारियों की लागत में बढ़ोतरी के साथ-साथ बदलाव से जुड़े खर्च रहे।

महिंद्रा एंड महिंद्रा के ट्रक एवं बस प्रभाग (एमटीबीडी) के प्रस्तावित अधिग्रहण के बारे में सहाय ने कहा कि महिंद्रा एंड महिंद्रा के कारखानों में मौजूदा ट्रक व बस ‘असेंबली लाइन’ को एसएमएल महिंद्रा में भौतिक रूप से एकीकृत करने की कोई योजना नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘महिंद्रा ब्रांड के ट्रक व बसों का विनिर्माण अनुबंध विनिर्माण व्यवस्था के तहत महिंद्रा एंड महिंद्रा द्वारा जारी रखा जाएगा। इससे आपूर्ति की निरंतरता और परिचालन स्थिरता सुनिश्चित होगी।’’

सहाय ने कहा कि कंपनी अगले साल किसी समय एकीकृत इकाई (एसएमएल और एमटीबीडी) के लिए तीन साल की पूंजीगत व्यय योजना पेश करेगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में उन्होंने कहा कि एसएमएल महिंद्रा एक इलेक्ट्रिक बस पर काम कर रही है, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही या अगले वित्त वर्ष की शुरुआत तक पेश करने का लक्ष्य है।

सहाय ने कहा कि कंपनी एक इलेक्ट्रिक ट्रक पर भी काम कर रही है, हालांकि इसे पेश करने की कोई समयसीमा घोषित नहीं की गई है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा के निदेशक मंडल ने अपनी ट्रक एवं बस इकाई को सूचीबद्ध अनुषंगी कंपनी एसएमएल महिंद्रा को 525 करोड़ रुपये में ‘स्लंप-सेल’ आधार पर बेचने की जुलाई में मंजूरी दी थी। इस सौदे से एसएमएल महिंद्रा के तहत एकीकृत ट्रक एवं बस कारोबार बनाने का रास्ता साफ हुआ है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने इस इकाई में एक साल पहले सुमितोमो कॉरपोरेशन और इसुजु मोटर्स लिमिटेड से 58.97 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी।

एमटीबीडी का एकीकरण जनवरी तक होने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030-31 तक 12,500 करोड़ रुपये का राजस्व कारोबार खड़ा करना है। साथ ही, संयुक्त वाणिज्यिक वाहन बाजार हिस्सेदारी को मौजूदा करीब छह प्रतिशत से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2030-31 तक 10-12 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2035-36 तक 20 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य है।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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