ऊंची कीमतों के कारण सोया खली निर्यात में 37.50 प्रतिशत की गिरावट

ऊंची कीमतों के कारण सोया खली निर्यात में 37.50 प्रतिशत की गिरावट

ऊंची कीमतों के कारण सोया खली निर्यात में 37.50 प्रतिशत की गिरावट
Modified Date: January 13, 2026 / 04:51 pm IST
Published Date: January 13, 2026 4:51 pm IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), 13 जनवरी (भाषा) अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय सोया खली की ऊंची कीमतों के चलते मांग में कमी के कारण गत दिसंबर के दौरान देश से इस उत्पाद का निर्यात 37.50 प्रतिशत घटकर 1.73 लाख टन पर रहा। प्रसंस्करणकर्ताओं के एक संगठन ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

संगठन के मुताबिक दिसंबर 2024 में देश से 2.77 लाख टन सोयाखली का निर्यात किया गया था।

इंदौर स्थित सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) के एक अधिकारी ने बताया कि दिसंबर 2025 के दौरान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ईरान, नेपाल और बांग्लादेश भारतीय सोया खली के शीर्ष आयातक बनकर उभरे।

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सोपा के कार्यकारी निदेशक डीएन पाठक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया,‘‘भारतीय सोया खली के दाम अमेरिका, ब्राजील और अर्जेंटीना जैसे प्रमुख निर्यातक देशों की तुलना में अब भी अधिक हैं। इस कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय सोया खली की मांग दबाव में बनी हुई है।’’

प्रसंस्करण कारखानों में सोयाबीन का तेल निकाल लेने के बाद बचने वाला उत्पाद सोया खली कहलाता है। यह उत्पाद प्रोटीन का बड़ा स्त्रोत है। इससे सोया आटा और सोया बड़ी जैसे खाद्य पदार्थों के साथ ही पशु आहार तथा मुर्गियों व मछलियों का दाना भी तैयार किया जाता है।

भाषा हर्ष

नोमान रमण

रमण


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