ऊंची कीमतों, पश्चिम एशिया संकट से मई में सोया खली निर्यात 63.50 प्रतिशत घटा

ऊंची कीमतों, पश्चिम एशिया संकट से मई में सोया खली निर्यात 63.50 प्रतिशत घटा

ऊंची कीमतों, पश्चिम एशिया संकट से मई में सोया खली निर्यात 63.50 प्रतिशत घटा
Modified Date: June 15, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: June 15, 2026 7:15 pm IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), 15 जून (भाषा) ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया संकट के असर से भारत का सोया खली निर्यात मई के दौरान करीब 63.50 प्रतिशत घटकर 50,000 टन रह गया। प्रसंस्करणकर्ताओं के इंदौर स्थित संगठन सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सोपा के अनुसार, मई, 2025 में देश से 1.37 लाख टन सोया खली का निर्यात किया गया था।

सोपा के कार्यकारी निदेशक डी.एन. पाठक ने पीटीआई-भाषा को बताया कि भारतीय सोया खली के दाम अमेरिका, ब्राजील और अर्जेंटीना जैसे प्रमुख निर्यातक देशों की तुलना में लंबे समय से अधिक बने हुए हैं।

पाठक ने कहा, “ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया संकट, दोनों का असर निर्यात पर पड़ा है। यह संकट शुरू होने के बाद ईरान को भारतीय सोया खली की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को भी सीमित मात्रा में ही माल जा पाया और बाद में वहां भी आपूर्ति ठप हो गई।’’

उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण कुवैत और ओमान को भी भारतीय सोया खली की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई।

प्रसंस्करण कारखानों में सोयाबीन का तेल निकाल लेने के बाद बचने वाला उत्पाद ‘सोया खली’ कहलाता है। यह उत्पाद प्रोटीन का बड़ा स्त्रोत है। इससे सोया आटा और सोया बड़ी जैसे खाद्य पदार्थों के साथ ही पशु आहार तथा मुर्गियों व मछलियों का दाना भी तैयार किया जाता है।

विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिन तक चला संघर्ष खत्म करने के लिए समझौते की ताजा घोषणा से वैश्विक बाजारों पर दबाव कम हुआ है।

अमेरिका-ईरान युद्ध ने पश्चिम एशिया क्षेत्र के साथ भारत के व्यापार को गंभीर रूप से प्रभावित किया। पश्चिम एशिया संकट 28 फरवरी से शुरू हुआ, जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सैन्य अभियान शुरू किया था।

भाषा हर्ष रवि कांत अजय

अजय


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