मुंबई, 19 मार्च (भाषा) केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण समुद्री व्यापार में पैदा हुई अनिश्चितताओं के बीच हितधारकों का आपसी सहयोग व्यवधानों को न्यूनतम करने के लिए अनिवार्य है।
सोनोवाल ने यहां भारत सरकार और जर्मन शिपिंग कंपनी ‘हैपाग-लॉयड’ के बीच समुद्री सहयोग के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर के दौरान यह बात कही।
उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी की स्थिति को देखते हुए नौवहन महानिदेशालय (डीजीएस) ने सतर्कता बढ़ाने और ड्रोन जैसे खतरों से निपटने के लिए विस्तृत परामर्श जारी किए हैं।
इस समझौते के तहत हैपाग-लॉयड अपने चार जहाजों का पंजीकरण भारतीय रजिस्ट्री के तहत करने और भारत में जहाज पुनर्चक्रण परिवेश विकसित करने पर विचार करेगी। इसके अलावा, महाराष्ट्र के वधावन बंदरगाह के विकास में भी रणनीतिक सहयोग पर चर्चा की जाएगी।
हैपाग-लॉयड ने 2030 तक भारत में अपनी परिचालन क्षमता को 19 लाख इकाइयों (टीईयू) से बढ़ाकर 32 लाख करने का लक्ष्य रखा है।
कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रॉल्फ हैपेन जानसेन ने भारत को वैश्विक व्यापार के लिए एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार बताया।
भाषा सुमित अजय
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