पर्यटन को बुनियादी ढांचे का दर्जा पाने के लिए दस्तावेज तैयार करें हितधारक: शेखावत

पर्यटन को बुनियादी ढांचे का दर्जा पाने के लिए दस्तावेज तैयार करें हितधारक: शेखावत

पर्यटन को बुनियादी ढांचे का दर्जा पाने के लिए दस्तावेज तैयार करें हितधारक: शेखावत
Modified Date: December 18, 2024 / 10:02 pm IST
Published Date: December 18, 2024 10:02 pm IST

नयी दिल्ली, 18 दिसंबर (भाषा) पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बुधवार को हितधारकों से यात्रा एवं पर्यटन उद्योग को ‘बुनियादी ढांचे’ का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर एक दस्तावेज तैयार करने को कहा।

होटल क्षेत्र की कंपनियां पर्यटन को बुनियादी ढांचे का दर्जा देने की मांग कर रही हैं, ताकि नई संपत्तियों में निवेश को अधिक आकर्षक बनाया जा सके और उन्हें विलासिता या ‘अहितकर वस्तुओं’ के रूप में वर्गीकृत न किया जाए।

उद्योग मंडल सीआईआई की तरफ से यहां आयोजित वार्षिक पर्यटन शिखर सम्मेलन में शिरकत करने आए शेखावत ने कहा, “हम इस मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से बात कर रहे हैं। हमें इस पर अभी थोड़ा और काम करना है। मैंने सीआईआई और उद्योग के अन्य हितधारकों से ठोस दस्तावेज तैयार करने का अनुरोध किया है ताकि हम वित्त मंत्रालय जा सकें और यह दर्जा प्राप्त करने का प्रयास कर सकें।”

इससे पहले इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुनीत चटवाल ​​ने शिखर सम्मेलन में होटल क्षेत्र की विभिन्न मांगों को रखा।

चटवाल ​​ने कहा, “हमारी लंबे समय से मांग रही है कि इस क्षेत्र की पूरी क्षमता का इस्तेमाल किया जाए। पर्यटन को बुनियादी ढांचे का दर्जा दिया जाए, जो भौगोलिक या जनसंख्या आधारित मानदंडों से स्वतंत्र हो। पर्यटन के राज्य का विषय होने से राज्यों को इसे उद्योग का दर्जा देने पर विचार करना चाहिए। कई राज्यों ने ऐसा किया है।”

उन्होंने पर्यटन और होटल क्षेत्र को ‘मान्य निर्यात का दर्जा’ दिए जाने की मांग भी रखी।

भाषा अनुराग प्रेम

प्रेम


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