आरएंडडी को मजबूत करना, निवेश बढ़ाना भारतीय दवा कंपनियों को वैश्विक नेतृत्व दिलाने में अहम: नड्डा

आरएंडडी को मजबूत करना, निवेश बढ़ाना भारतीय दवा कंपनियों को वैश्विक नेतृत्व दिलाने में अहम: नड्डा

आरएंडडी को मजबूत करना, निवेश बढ़ाना भारतीय दवा कंपनियों को वैश्विक नेतृत्व दिलाने में अहम: नड्डा
Modified Date: April 13, 2026 / 12:48 pm IST
Published Date: April 13, 2026 12:48 pm IST

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने सोमवार को कहा कि वैश्विक औषधि परिदृश्य में ‘बायोलॉजिक’, ‘बायोसिमिलर’ और विशेष दवाओं पर बढ़ते जोर के बीच भारत अग्रणी भूमिका निभाने की बेहतर स्थिति में है। इसके लिए अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) को मजबूत करना, निवेश बढ़ाना और उद्योग की भागीदारी को गहरा करना महत्वपूर्ण होगा।

‘इंडिया फार्मा 2026’ कार्यक्रम में वीडियो संदेश के जरिये रसायन व उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नड्डा ने कहा कि भारत ने वर्षों से सस्ती जेनेरिक दवाओं के जरिये ‘‘दुनिया की फार्मेसी’’ के रूप में पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि, आज वैश्विक दवा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है जिसमें बायोलॉजिक्स, बायोसिमिलर्स और विशेष दवाओं पर अधिक जोर दिया जा रहा है। इस बदलते माहौल में भारत न केवल इसे अपनाने बल्कि अग्रणी भूमिका निभाने की स्थिति में है।’’

मंत्री ने नवाचार को बढ़ावा देने, अनुसंधान क्षमताओं को सुदृढ़ करने और मूल्य-आधारित वृद्धि को प्रोत्साहित करने वाले नीतिगत ढांचे के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

नड्डा ने साथ ही कहा कि (भविष्य में) अनुसंधान एवं विकास को मजबूत करना बेहद महत्वपूर्ण होगा। बढ़ा हुआ निवेश, उद्योग की गहरी भागीदारी और प्रभावी सार्वजनिक-निजी भागीदारी भारत को उच्च-मूल्य नवाचार की दिशा में आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार ने भारतीय दवा उद्योग को वैश्विक नेता बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं जिनमें हाल ही में घोषित ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना शामिल है जिसका पांच वर्ष में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई), ‘बल्क ड्रग’ योजना और ‘बल्क ड्रग पार्क’ के विकास जैसी पहलों के जरिये घरेलू विनिर्माण को मजबूत करना प्राथमिकता बना हुआ है। भारत आत्मनिर्भरता बढ़ाने और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि भारतीय दवा उद्योग का ‘जेनेरिक मॉडल’ वैश्विक स्तर पर दबाव में है और घरेलू दवा कंपनियों को ‘बायोसिमिलर’, ‘बायोलॉजिक’ और नवोन्मेषी दवाओं में अधिक निवेश करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पटेल ने कहा कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) का पुनर्गठन किया जा रहा है और एक नई वैज्ञानिक समीक्षा कार्यबल तैयार किया जा रहा है जिसके तहत 1,500 से अधिक विशेषज्ञ पेशेवरों की नियुक्ति की जाएगी।

इसके साथ ही 1,000 ‘क्लीनिकल ट्रायल साइट’ का नेटवर्क स्थापित किया जाएगा और दवा खोज एवं विकास में कृत्रिम मेधा (एआई) के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ ये सभी कदम भारत को दवा खोज एवं विकास के लिए एक पसंदीदा वैश्विक केंद्र बनाने में मदद करेंगे।’’

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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