घरेलू बाजार में चीनी सस्ती हुई, अब भी आयात फायदेमंद: इस्मा अध्यक्ष
घरेलू बाजार में चीनी सस्ती हुई, अब भी आयात फायदेमंद: इस्मा अध्यक्ष
नयी दिल्ली, नौ सितंबर (भाषा) भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा विनिर्माता संघ (इस्मा) के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर ने बुधवार को कहा कि घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में नरमी आने के बावजूद इसका आयात करना अभी भी फायदेमंद है।
उनका यह बयान वैश्विक स्तर पर चीनी की कीमतों में हाल में आई तेजी के बीच आया है। भारत ने पिछले महीने त्योहारी मौसम से पहले घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और खुदरा कीमतों को काबू में रखने के लिए 10 लाख टन चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी।
शिरगांवकर ने ‘द इंडिया शुगर एंड बायो-एनर्जी कॉन्फ्रेंस 2026’ के चौथे संस्करण से इतर संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, ‘‘घरेलू कीमतों में गिरावट के बावजूद आयात अभी भी फायदेमंद है।’’
उन्होंने बताया कि दो सप्ताह पहले चीनी की मिल स्तर वाली कीमतें 65-67 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर पर थीं, जो अब घटकर 43-44 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई हैं। उन्होंने कहा कि खुदरा कीमतों पर इसका असर दिखने में अभी एक-दो सप्ताह और लगेंगे।
कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों के तहत सरकार ने पिछले महीने 10 लाख टन चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी। सूत्रों के मुताबिक, मिलों ने अब तक तय मात्रा में से आठ लाख टन चीनी के आयात के लिए आवेदन किया है।
हालांकि, आपूर्ति में कमी और भारत की ओर से खरीद शुरू होने के कारण वैश्विक कीमतों में तेजी आने से मिलों को इन आयातों की लाभप्रदता को लेकर चिंता होने लगी है।
आयात की अनुमति देने के अलावा सरकार ने जमाखोरी रोकने के लिए थोक खरीदारों और डीलरों के लिए चीनी का स्टॉक रखने के नियम भी सख्त किए हैं।
चीनी उत्पादकों के संगठन इस्मा ने कहा कि उसने सरकार को मिलों के जल्द पेराई शुरू करने पर आने वाली परिचालन संबंधी चुनौतियों के बारे में बताया है।
शिरगांवकर ने कहा, ‘‘हमने सरकार को उन मुश्किलों के बारे में बता दिया है, जिनका सामना मिलों को जल्दी पेराई शुरू करने में करना पड़ सकता है। इस बारे में सरकार के साथ बातचीत चल रही है।’’
उन्होंने कहा कि उद्योग अगले साल के उत्पादन और एथनॉल आवंटन को लेकर उम्मीद बनाए हुए है। हालांकि उसे अगले पेराई सत्र के बारे में स्पष्ट जानकारी का इंतजार है।
इस बीच, सरकार ने मिलों पर कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि देश में चीनी का पर्याप्त भंडार है। हालांकि, सरकार ने विपणन वर्ष 2025-26 के लिए चीनी उत्पादन का अनुमान 343 लाख टन से घटाकर 306 लाख टन कर दिया है। सालाना घरेलू मांग 280-285 लाख टन रहने का अनुमान है।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
प्रेम

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