वोडाफोन आइडिया के एजीआर पर शीर्ष अदालत का फैसला एक निर्णायक मोड़ः कुमारमंगलम बिड़ला

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वोडाफोन आइडिया के एजीआर पर शीर्ष अदालत का फैसला एक निर्णायक मोड़ः कुमारमंगलम बिड़ला

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  • Publish Date - January 28, 2026 / 03:43 PM IST,
    Updated On - January 28, 2026 / 03:43 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने बुधवार को कहा कि वोडाफोन आइडिया के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) देनदारी से जुड़े उच्चतम न्यायालय के फैसले ने दूरसंचार कंपनी के लिए एक ‘निर्णायक मोड़’ का काम किया है, जिससे अब वह वजूद बचाने से आगे बढ़कर टिकाऊ वृद्धि पर ध्यान दे सकती है।

बिड़ला ने समूह की वार्षिक टिप्पणी में कहा कि वोडाफोन आइडिया का अनुभव इस विश्वास को रेखांकित करता है कि “कठिन दौर स्थायी नहीं होते, मजबूत कंपनियां टिकती हैं।”

उन्होंने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के फैसले से लंबे समय से बनी अनिश्चितता दूर हुई है और सरकार के निर्णायक हस्तक्षेप से परिचालन वातावरण में बुनियादी बदलाव आया है। कई वर्षों में पहली बार स्थिति स्पष्ट हुई है, जिससे कंपनी अब अपना वजूद बचाने से आगे बढ़कर टिकाऊ वृद्धि पर ध्यान केंद्रित कर सकती है।”

शीर्ष अदालत के आदेश के आधार पर सरकार ने कंपनी की एजीआर देनदारी को 87,695 करोड़ रुपये पर स्थिर कर दिया है, जिसकी पुनर्समीक्षा भी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि वोडाफोन आइडिया दूरसंचार उद्योग के इतिहास के सबसे लंबे अनिश्चित दौर से गुजरी है और इस दौरान कर्मचारियों की प्रतिबद्धता, ग्राहकों की निष्ठा और व्यावसायिक साझेदारों एवं शेयरधारकों के भरोसे ने कंपनी को संभाले रखा।

बिड़ला ने दूरसंचार क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया और भारतीय दूरसंचार बाजार की दीर्घकालिक संभावनाओं में प्रवर्तकों के भरोसे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दैनिक संचालन, सेवा गुणवत्ता और नेटवर्क विस्तार पर लगातार ध्यान ही कंपनी के पुनरुद्धार की नींव बनेगा।

उन्होंने कहा, “एक स्वस्थ और प्रतिस्पर्धी दूरसंचार उद्योग भारत के डिजिटल भविष्य के लिए जरूरी है। भारत को तीन निजी दूरसंचार कंपनियों की जरूरत है। भारत को एक सफल वोडाफोन आइडिया चाहिए। और अब इस सोच का वक्त आ चुका है।”

इससे पहले कई मौकों पर बिड़ला ने राहत के अभाव में कर्ज में डूबी एवं नकदी संकट से जूझ रही कंपनी के परिचालन पर सवाल उठाए थे।

कंपनी पर कुल कर्ज 2.09 लाख करोड़ रुपये है जिसमें 4,424 करोड़ रुपये का बैंक कर्ज, 1.24 लाख करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम भुगतान दायित्व और 80,502 करोड़ रुपये की एजीआर देनदारी शामिल है।

समूह को चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में 17,418 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा और उसकी शुद्ध संपत्ति 87,744 करोड़ रुपये नकारात्मक रही। हालांकि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध घाटा घटकर 5,286 करोड़ रुपये रहा।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण