नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) खाद्य एवं पेय पदार्थों की आपूर्ति करने वाले ऑनलाइन मंच ‘स्विगी’ की ‘फूड ऑन ट्रेन’ सेवा का विस्तार अब 201 रेलवे स्टेशन तक हो गया है। वर्ष 2024 में ट्रेन में भोजन मंगाने की सुविधा 66 रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध थी।
स्विगी ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस सेवा के नेटवर्क में कोल्हापुर, वर्धा, शहडोल, काकीनाडा, भरतपुर, चित्तूर, तंजावुर, रायगढ़, जामनगर, इंदौर और टूंडला समेत कई अन्य स्टेशन शामिल हो गए हैं।
स्विगी फूड मार्केटप्लेस के मुख्य कारोबार अधिकारी सिद्धार्थ भाकू ने कहा कि मार्च, 2024 में शुरुआत के बाद से ‘फूड ऑन ट्रेन’ सेवा में कई गुना वृद्धि हुई है और इसे ‘जेन-जी’ समेत अलग-अलग आयु वर्ग के यात्रियों ने अपनाया है। कंपनी को किफायती भोजन के विकल्पों में भी काफी संभावनाएं दिख रही हैं।
कंपनी ने ट्रेन यात्रियों की बदलती खानपान की आदतों के बारे में भी जानकारी साझा की।
उसके अनुसार, एक साल से अधिक समय में यात्रियों की पसंद ‘फास्ट फूड’ और ‘कार्बोनेटेड पेय’ से हटकर स्वास्थ्यवर्धक और ताजगी देने वाले विकल्पों की ओर बढ़ी है।
पिछले साल की तुलना में यात्री पारंपरिक और ताजगी देने वाले पेय अधिक पसंद कर रहे हैं। लस्सी के ऑर्डर में 60 प्रतिशत, छाछ में 40 प्रतिशत और मोजितो के ऑर्डर में 90 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
‘फूड ऑन ट्रेन’ सेवा में पारंपरिक और क्षेत्रीय भोजन की मांग भी बढ़ी है। थाली के ऑर्डर की हिस्सेदारी इसमें 65 प्रतिशत से अधिक हैं। मिठाइयों के ऑर्डर भी दोगुने से अधिक हो गए हैं, जिनमें रसगुल्ला सबसे आगे है।
यात्री ट्रेन में अपनी सीट पर स्थानीय प्रसिद्ध व्यंजनों का भी ऑर्डर कर रहे हैं। जयपुर जंक्शन पर प्याज कचौरी सबसे अधिक बिकने वाला व्यंजन है, जबकि भोपाल में पोहा शीर्ष 10 नाश्ते के विकल्पों में शामिल है।
कंपनी के अनुसार, दक्षिण और मध्य भारत के स्टेशनों पर स्थानीय बिरयानी की अलग-अलग किस्मों की मांग सबसे अधिक है। लखनऊ में भी बिरयानी के साथ मशहूर ‘टुंडा कबाब’ की बिक्री अच्छी है।
स्विगी ने बताया कि नागपुर में हल्दीराम की थालियां सबसे अधिक पसंद की जा रही हैं, जबकि गोवा के मडगांव स्टेशन पर स्थानीय समुद्री भोजन वाली थालियां सबसे अधिक ऑर्डर किए जाने वाले व्यंजनों में शामिल हैं।
भाषा योगेश अजय
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