महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए कई देशों से बातचीत : गोयल

महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए कई देशों से बातचीत : गोयल

महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए कई देशों से बातचीत : गोयल
Modified Date: September 2, 2026 / 08:07 pm IST
Published Date: September 2, 2026 8:07 pm IST

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत अपनी जरूरतों के हिसाब से महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण और विकास के लिए सहयोग और साझेदारी बढ़ाने के मकसद से कुछ देशों के साथ बातचीत कर रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया भर के देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता करेगा ताकि महत्वपूर्ण खनिजों तक बेहतर पहुंच मिल सके, जो इस क्षेत्र में मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए जरूरी हैं।

उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘हम कुछ देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं जिनके साथ हम अपनी जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण और विकास को बढ़ावा देने के लिए सहयोग और साझेदारी करेंगे।’’

मंत्री ने कहा कि भारत, अमेरिका के नेतृत्व वाले सामरिक गठजोड़ ‘पैक्स सिलिका’ का भी सदस्य है, जिसका मकसद महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बनाना है।

ये खनिजों का एक ऐसा समूह है जो आधुनिक उद्योग के लिए बुनियादी जरूरत है। इस क्षेत्र में आपूर्ति का जोखिम है क्योंकि इनका उत्पादन और प्रसंस्करण कुछ ही देशों में केंद्रित है, जिसमें चीन सबसे आगे है।

इनका इस्तेमाल विद्युत वाहन, बैटरी, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय उर्जा, रक्षा उपकरण, दूरसंचार और इलेक्ट्रॉनिक्स में होता है। उदाहरण के लिए, लिथियम, कोबाल्ट और निकेल का इस्तेमाल बैटरी में होता है। रेयर अर्थ तत्वों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहन, पवन टर्बाइन और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए चुंबक में होता है; जबकि गैलियम और जर्मेनियम सेमीकंडक्टर और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकी के लिए महत्वपूर्ण हैं।

भारत के लिए, आपूर्ति श्रृंखला की कमजोरियों को कम करने, घरेलू विनिर्माण का समर्थन करने और स्वच्छ उर्जा रूपांतरण को तेज करने के लिए इन खनिजों तक भरोसेमंद पहुंच हासिल करना महत्वपूर्ण है।

गोयल ने कहा, ‘‘ब्रिटेन और यूरोप में अपने कई साझेदारों के साथ हम इस बारे में बातचीत कर रहे हैं कि कैसे मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बना सकते हैं।’’

इस बीच, यहां भारतीय वाहन कलपुर्जा विनिर्माता संघ (एसीएमए) के सालाना सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत महत्वपूर्ण खनिजों तक ज्यादा पहुंच हासिल करने के लिए व्यापार समझौते करेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका और भारत महत्वपूर्ण खनिज साझेदारी और अमेरिका द्वारा शुरू की गई ‘पैक्स सिलिका’ पहल में साझेदार के तौर पर मिलकर काम कर रहे हैं… ताकि एक जैसी सोच वाले, लोकतांत्रिक, नेक नीयत वाले और निष्पक्ष तरीके से काम करने वाले देश मिलकर यह सुनिश्चित कर सकें कि कोई भी एक इलाका व्यापार के ‘हथियार’ के तौर पर इस्तेमाल न किया जा सके।’’

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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