तमिलनाडु का आबकारी राजस्व कर्नाटक, महाराष्ट्र कम: सरकार

तमिलनाडु का आबकारी राजस्व कर्नाटक, महाराष्ट्र कम: सरकार

तमिलनाडु का आबकारी राजस्व कर्नाटक, महाराष्ट्र  कम: सरकार
Modified Date: June 17, 2026 / 12:28 pm IST
Published Date: June 17, 2026 12:28 pm IST

चेन्नई, 17 जून (भाषा) तमिलनाडु का आबकारी राजस्व उसके समकक्ष राज्यों कर्नाटक और महाराष्ट्र से कम है।

तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा जारी श्वेत पत्र के अनुसार, कर्नाटक का आबकारी संग्रह 2025-26 में 41,000 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र का 34,170 करोड़ रुपये और तमिलनाडु का11,836 करोड़ रुपये रहा।

आंकड़ों के अनुसार, कर्नाटक के आबकारी संग्रह की वार्षिक वृद्धि दर 11.66 प्रतिशत, महाराष्ट्र की 18.69 प्रतिशत और तमिलनाडु की 9.49 प्रतिशत रही।

समकक्ष राज्यों में सबसे छोटा आबकारी आधार और सबसे धीमी वृद्धि दर होने के कारण यह राजस्व अंतर तमिलनाडु के कुल राज्य स्वयं कर राजस्व (एसओटीआर) में सबसे बड़े अंतर में से एक है।

तमिलनाडु के वित्त मंत्री मैरी विल्सन ने मंगलवार को राज्य की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र जारी किया और पूर्ववर्ती द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की।

इस कमजोर प्रदर्शन के बावजूद, राज्य के आबकारी शुल्क और शराब पर मूल्य वर्धित कर (वैट) की एसओटीआर में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है जो राज्य की कुल राजस्व स्थिति के लिए इस मद के महत्व को दर्शाता है।

भाषा निहारिका

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