नीतिगत सिफारिश में 10 लाख उद्यम, 50 लाख नौकरियां पैदा करने के लिए उद्यमिता मिशन का प्रस्ताव
नीतिगत सिफारिश में 10 लाख उद्यम, 50 लाख नौकरियां पैदा करने के लिए उद्यमिता मिशन का प्रस्ताव
नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) एक नीतिगत सिफारिश में पहली बार उद्यम शुरू करने वाले संस्थापकों के लिए राष्ट्रीय उद्यमिता मिशन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत भारत की मौजूदा स्टार्टअप और उद्यम सहायता योजनाओं को एकल, समग्र प्रक्रिया से जोड़कर पांच वर्षों में 10 लाख उद्यम और 50 लाख तक नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य है।
शोध संस्थान ‘द भारत प्रोजेक्ट’ ने सोमवार को जारी एक दस्तावेज में कहा कि भारत को किसी अन्य उद्यमिता योजना की आवश्यकता नहीं है, बल्कि मौजूदा योजनाओं, संस्थानों, पूंजी, ज्ञान और बाजारों को ”एक सतत उद्यमशीलता यात्रा” में बदलने के लिए संपर्क बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है।
दस्तावेज के मुताबिक, भारत भले ही दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र है और उसने ‘स्टार्टअप इंडिया सीड फंड’ तथा ‘फंड ऑफ फंड्स’ से लेकर हाल ही में स्वीकृत एक लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष तक कई तरह के सहायक साधन तैयार किए हैं, लेकिन ये विभिन्न मंत्रालयों के तहत अलग-अलग कार्यक्रमों के रूप में काम करते हैं, जिससे संस्थापकों को अपनी यात्रा के प्रत्येक चरण में खुद ही रास्ते तलाशने पड़ते हैं।
दस्तावेज में डीपीआईआईटी, डीएसटी, अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की योजनाओं को एक डिजिटल केंद्र से जोड़ने की सिफारिश की गई है।
द भारत प्रोजेक्ट और योरस्टोरी मीडिया की संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्रद्धा शर्मा ने कहा, ”एक संस्थापक को जिस सहायता की आवश्यकता होती है, वह भारत में पहले से ही मौजूद है, और उसमें से अधिकांश विश्व स्तरीय है। कमी केवल उन्हें आपस में जोड़ने वाले तार की है और कोई भी संस्थापक को एक चरण से दूसरे चरण तक नहीं ले जाता है।”
भाषा अजय पाण्डेय
अजय

Facebook


