टाटा संस के निदेशक मंडल की मंगलवार को बैठक, घाटे वाली कंपनियों पर होगी चर्चा
टाटा संस के निदेशक मंडल की मंगलवार को बैठक, घाटे वाली कंपनियों पर होगी चर्चा
मुंबई, 25 मई (भाषा) टाटा समूह की मूल कंपनी टाटा संस के निदेशक मंडल की मंगलवार को बैठक होगी जिसमें समूह की घाटे में चल रही कंपनियों के प्रदर्शन पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने कहा कि बैठक में विशेष रूप से नुकसान झेल रहीं समूह कंपनियां अपने कारोबार की स्थिति और आगे की रणनीति पर प्रस्तुति दे सकती हैं।
हालांकि, सूत्रों ने स्पष्ट किया कि इस बैठक में एन चंद्रशेखरन को टाटा संस का दोबारा चेयरमैन नियुक्त किए जाने पर चर्चा होने की संभावना नहीं है। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब समूह के भीतर शीर्ष स्तर पर मतभेद की खबरें हैं।
सूत्रों के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और चंद्रशेखरन ने सप्ताहांत में समूह कंपनियों के प्रदर्शन को लेकर चर्चा की थी।
ऐसी रिपोर्ट है कि वित्त वर्ष 2024-25 में समूह के गैर-सूचीबद्ध कारोबार को 10,905 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसके बढ़कर 29,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाने का अनुमान है।
टाटा समूह में टाटा ट्रस्ट्स की दो-तिहाई हिस्सेदारी है। हाल के महीनों में समूह में शीर्ष स्तर पर मतभेद, कुछ सदस्यों को हटाने के प्रयास और चेयरमैन के कार्यकाल को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।
खबरों के मुताबिक, नोएल टाटा को टाटा डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार और घाटे में चल रही एयर इंडिया के प्रदर्शन को लेकर चिंता है। इनमें से अधिकांश कारोबार चंद्रशेखरन के टाटा संस का प्रमुख रहते समय शुरू हुए हैं।
इसके अलावा नोएल टाटा के टाटा संस का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने को लेकर भी मतभेद है। भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस को विशाल गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बताते हुए बाजार में सूचीबद्ध होने के लिए कहा हुआ है।
टाटा समूह के मौजूदा घटनाक्रम पर टाटा ट्रस्ट्स के एक प्रतिनिधि को भेजे गए ई-मेल का समाचार लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं आया था।
इस बीच, प्रॉक्सी सलाहकार फर्म इनगवर्न ने कहा है कि टाटा संस जैसी विशाल आकार वाली कंपनी का सूचीबद्ध होना जरूरी है, ताकि पारदर्शिता और कॉरपोरेट संचालन मजबूत हो सके।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय

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