उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र के विकास में किया जायेगा वसूले गये करों का उपयोग

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उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र के विकास में किया जायेगा वसूले गये करों का उपयोग

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  • Publish Date - October 2, 2020 / 01:42 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:29 PM IST

लखनऊ, दो अक्‍टूबर ( भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने जिला पंचायतों की सीमा के भीतर आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों से वसूले गये करों के उपयोग और दोहरे कराधान की समस्‍या को हल करने के लिए महत्‍वपूर्ण फैसला किया है।

अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने शुक्रवार को बताया कि शासन स्‍तर से समस्त मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इस प्रकार एकत्रित कर (टैक्स) या उपयोग शुल्क की 60 प्रतिशत् राशि का उपयोग जिला पंचायतों की सीमाओं के भीतर आने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के रखरखाव और विकास में सुनिश्चित किया जाए। शेष 40 प्रतिशत राशि का उपयोग औद्योगिक क्षेत्र के बाहर जिला पंचायत क्षेत्र के विकास में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं के रखरखाव के लिए करों के उचित और पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करके जल्द ही इस मुद्दे को हल करने का निर्देश दिया था। 21 सितम्बर, 2020 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सम्पन्न ‘इन्वेस्ट यूपी’ की उच्च-स्तरीय प्राधिकृत समिति की बैठक में औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा यह मसला उठाया गया था।

मुख्‍यमंत्री के आदेश के बाद अपर मुख्य सचिव-पंचायती राज विभाग द्वारा एक शासनादेश जारी किया गया। इसके अन्तर्गत जिला पंचायतों के अंदर स्थित औद्योगिक क्षेत्रों के आंतरिक विकास और रखरखाव के लिए वसूले गए कर के 60 प्रतिशत के उपयोग के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सम्बंधित मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में समिति का गठन किया जाएगा। सम्बंधित जिलाधिकारी एवं उत्‍तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के क्षेत्रीय प्रबंधक इस समिति के सदस्य होंगे जबकि संबंधित जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सदस्य-सचिव होंगे। शासनादेश के अन्तर्गत जिला पंचायतों की सीमा के भीतर स्थित औद्योगिक क्षेत्रों से वसूले जाने वाले कर को जमा करने हेतु एक अलग खाते का प्राविधान किया गया है।

भाषा आनन्‍द

नेत्रपाल महाबीर

महाबीर