Taxes on Petrol-Diesel: अगर टैक्स हट जाए तो पेट्रोल कितने में मिलेगा? जानें टैक्स और डीलर कमीशन का पूरा हिसाब

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Taxes on Petrol-Diesel: अगर टैक्स हट जाए तो पेट्रोल कितने में मिलेगा? जानें टैक्स और डीलर कमीशन का पूरा हिसाब

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  • Publish Date - July 20, 2025 / 02:59 PM IST,
    Updated On - July 20, 2025 / 02:59 PM IST

(Taxes on Petrol-Diesel, Image Credit: ANI News)

HIGHLIGHTS
  • पेट्रोल पर टैक्स हटे तो कीमत ₹55.66 प्रति लीटर रह जाएगी
  • क्रूड ऑयल की असली लागत करीब ₹40 प्रति लीटर है
  • एक्साइज ड्यूटी और वैट मिलाकर टैक्स करीब ₹35+ प्रति लीटर

नई दिल्ली: Taxes on Petrol-Diesel: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल की लागत से तय नहीं होतीं, बल्कि इस पर कई प्रकार के टैक्स और चार्जेस जुड़ते हैं, जो इसकी अंतिम कीमत को काफी हद तक बढ़ा देते हैं। इन फ्यूल्स पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारें वैट (VAT) लगाती हैं। इसके अतिरिक्त, डीलर कमीशन और प्रोसेसिंग चार्ज जैसे कई अन्य घटक भी पेट्रोल-डीजल की कीमत में जुड़े होते हैं।

फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल की खुदरा कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर है, लेकिन क्या आपको पता हैं कि अगर इनसे सारे टैक्स हटा दिए जाएं तो इसकी वास्तविक कीमत कितनी हो जाएगी?

पेट्रोल की कीमत को तय करने वाले प्रमुख घटक

पेट्रोल की कीमत में चार प्रमुख हिस्से होते हैं-

  • डीलर प्राइस (बिना टैक्स वाला बेस प्राइस): 55.66 रुपये
  • डीलर का कमीशन: 3.77 रुपये
  • केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी: 19.90 रुपये
  • राज्य सरकार का वैट: 15.39 रुपये

इन सभी को जोड़ने पर दिल्ली में पेट्रोल का अंतिम खुदरा कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर बनता है। यानी लगभग 39 रुपये से अधिक केवल टैक्स और कमीशन के रूप में जोड़े जाते हैं।

असली कीमत कितनी हो सकती है?

यदि हम केवल बेस प्राइस यानी 55.66 रुपये की बात करें, तो यही वह कीमत है जिस पर पेट्रोल पेट्रोल पंप डीलरों को मिलता है। इस प्राइस में शामिल होता है:

  • क्रूड ऑयल की कीमत (लगभग 40 रुपये प्रति लीटर)
  • प्रोसेसिंग कॉस्ट (5.66 रुपये प्रति लीटर)
  • बफर इंफ्लेशन चार्ज (10 रुपये प्रति लीटर)

इन सभी को मिलाकर कंपनियां पेट्रोल को 55.66 रुपये प्रति लीटर में पेट्रोल पंप तक पहुंचाती हैं। इसके बाद टैक्स और कमीशन जोड़ने पर यह आम उपभोक्ताओं को लगभग 94 रुपये से 97 रुपये प्रति लीटर में बेचा जाता है। अब गौर करने वाली बात यह है कि हर राज्य में वैट की दर अलग होती है, इसी कारण से देश भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। कुछ राज्यों में यह सस्ता होता है, तो कुछ जगहों पर महंगा होता है।

अगर पेट्रोल पर कोई टैक्स ना लगे तो इसकी कीमत कितनी होगी?

टैक्स हटाने पर पेट्रोल की वास्तविक कीमत करीब ₹55.66 प्रति लीटर रह जाएगी।

पेट्रोल की कीमत में सबसे बड़ा हिस्सा किसका होता है?

पेट्रोल की कीमत में सबसे बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा वसूले गए टैक्स का होता है।

क्या पेट्रोल-डीजल पर जीएसटी लागू होता है?

नहीं, पेट्रोल और डीजल अभी भी GST के दायरे में नहीं आते हैं।

डीलर को पेट्रोल किस भाव पर मिलता है?

पेट्रोल डीलर को यह ₹55.66 प्रति लीटर की लागत पर मिलता है, जिसमें क्रूड ऑयल, प्रोसेसिंग और अन्य चार्ज शामिल होते हैं।