(Taxes on Petrol-Diesel, Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: Taxes on Petrol-Diesel: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल की लागत से तय नहीं होतीं, बल्कि इस पर कई प्रकार के टैक्स और चार्जेस जुड़ते हैं, जो इसकी अंतिम कीमत को काफी हद तक बढ़ा देते हैं। इन फ्यूल्स पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारें वैट (VAT) लगाती हैं। इसके अतिरिक्त, डीलर कमीशन और प्रोसेसिंग चार्ज जैसे कई अन्य घटक भी पेट्रोल-डीजल की कीमत में जुड़े होते हैं।
फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल की खुदरा कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर है, लेकिन क्या आपको पता हैं कि अगर इनसे सारे टैक्स हटा दिए जाएं तो इसकी वास्तविक कीमत कितनी हो जाएगी?
पेट्रोल की कीमत में चार प्रमुख हिस्से होते हैं-
इन सभी को जोड़ने पर दिल्ली में पेट्रोल का अंतिम खुदरा कीमत 94.72 रुपये प्रति लीटर बनता है। यानी लगभग 39 रुपये से अधिक केवल टैक्स और कमीशन के रूप में जोड़े जाते हैं।
यदि हम केवल बेस प्राइस यानी 55.66 रुपये की बात करें, तो यही वह कीमत है जिस पर पेट्रोल पेट्रोल पंप डीलरों को मिलता है। इस प्राइस में शामिल होता है:
इन सभी को मिलाकर कंपनियां पेट्रोल को 55.66 रुपये प्रति लीटर में पेट्रोल पंप तक पहुंचाती हैं। इसके बाद टैक्स और कमीशन जोड़ने पर यह आम उपभोक्ताओं को लगभग 94 रुपये से 97 रुपये प्रति लीटर में बेचा जाता है। अब गौर करने वाली बात यह है कि हर राज्य में वैट की दर अलग होती है, इसी कारण से देश भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर देखने को मिलता है। कुछ राज्यों में यह सस्ता होता है, तो कुछ जगहों पर महंगा होता है।