नयी दिल्ली, नौ जून (भाषा) टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मंगलवार को कहा कि वह दिन दूर नहीं जब टीसीएस के पास कर्मचारियों की संख्या के बराबर कृत्रिम मेधा (एआई) एजेंट होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी की अपने कर्मचारियों की संख्या कम करने की कोई योजना नहीं है।
चंद्रशेखरन ने मंगलवार को कंपनी की 31वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) को संबोधित करते हुए कहा कि टीसीएस आंतरिक परिचालन, समाधान रूपरेखा और ग्राहक के हिसाब से काम के लिए एआई एजेंट बनाने में निवेश कर रही है।
उन्होंने कहा कि टीसीएस लोगों को नौकरी पर रखना जारी रखेगी। एक बार बदलाव हो जाने के बाद, एआई की दुनिया ‘बहुत अधिक मौके’ पैदा करेगी जिनके लिए नई प्रतिभा की जरूरत होगी।
चंद्रशेखरन ने कहा, ‘‘कंपनी में पांच लाख कर्मचारी हैं। वह दिन दूर नहीं जब कंपनी के पास पांच लाख एआई एजेंट होंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कर्मचारियों की संख्या कम नहीं की जा रही है। ऐसी कोई योजना नहीं है। हम बस सही प्रतिभा चाहते हैं। हम एजेंट का इस्तेमाल करना चाहते हैं। और हमें बेहतरीन प्रतिभा को आकर्षित करने की जरूरत है…। कर्मचारियों को जोड़ने की रफ्तार वैसी नहीं रहेगी जैसी पहले हुआ करती थी। अगर कंपनी के मानव संसाधन विभाग के पास बड़ी संख्या में प्रतिभा को नियुक्त करने की क्षमता का कोई पैमाना था, तो वह पैमाना खत्म हो जाएगा।’’
चेयरमैन ने कहा कि कंपनी के कर्मचारी और एआई एजेंट मिलकर काम करेंगे और यही भविष्य होगा।
उन्होंने एआई को टीसीएस के लिए अब तक का सबसे बड़ा मौका बताते हुए इस प्रौद्योगिकी के वित्तीय पैमाने का उल्लेख किया।
चंद्रशेखरन ने कहा कि कि पिछली तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का एआई राजस्व 2.5 अरब डॉलर के करीब पहुंच गया। वर्ष 2028 से 2030 तक, कंपनी के राजस्व में 100 प्रतिशत हिस्सा एआई से जुड़े होने का अनुमान है।
टीसीएस में कर्मचारियों की संख्या वित्त वर्ष 2025-26 में 23,460 घटकर 5.84 लाख रह गई है।
भाषा रमण अजय
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