टेस्ला ने दक्षिण भारत में किया विस्तार, चेन्नई में खोला नया केंद्र

टेस्ला ने दक्षिण भारत में किया विस्तार, चेन्नई में खोला नया केंद्र

टेस्ला ने दक्षिण भारत में किया विस्तार, चेन्नई में खोला नया केंद्र
Modified Date: September 25, 2026 / 06:53 pm IST
Published Date: September 25, 2026 6:53 pm IST

चेन्नई, 25 सितंबर (भाषा) अमेरिका की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) विनिर्माता कंपनी टेस्ला ने शुक्रवार को दक्षिण भारत में अपनी मौजूदगी का विस्तार करते हुए चेन्नई में अपना पहला अनुभव केंद्र और पूनामल्ली में एक विशेष मरम्मत केंद्र खोला।

एक्सप्रेस एवेन्यू मॉल में स्थित यह नया केंद्र भारत में टेस्ला का छठा और बेंगलुरु व हैदराबाद के बाद दक्षिणी क्षेत्र में तीसरा केंद्र है।

कंपनी ने बताया कि पूनामल्ली स्थित केंद्र को प्रमाणित दुर्घटना मरम्मत, सॉफ्टवेयर-आधारित जांच और मूल पुर्जों को बदलने की सुविधा से लैस किया गया है, ताकि वाहन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ग्राहकों का समय बचाया जा सके।

टेस्ला इंडिया के क्षेत्रीय प्रमुख शरद अग्रवाल ने उद्घाटन के अवसर पर पारंपरिक वाहन विनिर्माण से आगे बढ़कर ब्रांड के नए स्वरूप पर जोर दिया।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ”टेस्ला सिर्फ एक कार कंपनी नहीं है। हम कृत्रिम मेधा (एआई) और रोबोटिक्स से जुड़ी कंपनी हैं और टेस्ला भविष्य को नए सिरे से परिभाषित कर रही है।”

अग्रवाल ने स्वायत्त गतिशीलता पर कंपनी के ध्यान का उल्लेख करते हुए ‘साइबर कैब्स’ की वैश्विक शुरुआत की जानकारी दी। ये बिना स्टीयरिंग व्हील या पैडल वाली पूरी तरह से चालक रहित रोबोटैक्सी हैं। इस बदलाव को बढ़ावा देने के लिए टेस्ला टेक्सास में एक बड़े चिप विनिर्माण संयंत्र की स्थापना कर रही है और अपने ह्यूमनॉइड रोबोट ‘ऑप्टिमस’ के वाणिज्यिक उत्पादन की तैयारी कर रही है।

भारतीय बाजार में कंपनी 2026 मॉडल वाली वाई प्रीमियम रियर-व्हील ड्राइव 50.89 लाख रुपये में उपलब्ध करा रही है। यह वाहन 5.9 सेकंड में शून्य से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेता है और 500 किलोमीटर तक की रेंज देता है। इसके अलावा, टेस्ला ने 61.99 लाख रुपये की कीमत और छह सीटों वाले मॉडल वाई एल ऑल-व्हील ड्राइव एसयूवी भी प्रदर्शित की, जो 681 किलोमीटर की रेंज देती है।

अग्रवाल ने कहा कि ग्राहक छह लाख रुपये के डाउन पेमेंट और 39,990 रुपये से शुरू होने वाली मासिक ईएमआई पर मॉडल वाई को ले सकते हैं।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण


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