‘एक जिला एक उत्पाद’ के उत्पादों की जानकारी अब कई भाषाओं में मिलेगी, उप्र सरकार और कू के बीच करार

‘एक जिला एक उत्पाद’ के उत्पादों की जानकारी अब कई भाषाओं में मिलेगी, उप्र सरकार और कू के बीच करार

‘एक जिला एक उत्पाद’ के उत्पादों की जानकारी अब कई भाषाओं में मिलेगी, उप्र सरकार और कू के बीच करार
Modified Date: November 29, 2022 / 07:49 pm IST
Published Date: July 27, 2022 5:44 pm IST

लखनऊ, 27 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) से जुड़े उत्पादों के बारे में अब पूरी जानकारी विभिन्न भारतीय भाषाओं में भी मिलेगी। इसके लिए बुधवार को सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम और निर्यात प्रोत्साहन विभाग ने माइक्रो ब्लागिंग ऐप ‘कू’ के साथ एक समझौता ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

इससे अब उत्तर प्रदेश के उत्पादों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल और कू के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अप्रमेय राधाकृष्ण ने बुधवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और एमओयू का आदान-प्रदान किया।

इसके तहत ‘कू’ अपने प्रयोगकर्ताओं के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए ओडीओपी से जुड़ी सामग्री और उत्पादों का 10 भाषाओं में प्रचार-प्रसार का मंच प्रदान करेगी। इसके अलावा कॉरपोरेट क्षेत्र में उपहार देने के लिए भी ओडीओपी के उत्पाद भी खरीदेगी।

एक बयान के मुताबिक, इस एमओयू से गैर-अंग्रेजी भाषी कारीगरों एवं लोगों तक ओडीओपी से जुड़े कार्यक्रमों और योजनाओं तक पहुंच हो जाएगी। साथ ही उत्तर प्रदेश के स्थानीय कारीगरों के पास और बड़ा बाजार उपलब्ध हो जाएगा। इससे उन्हें अपना कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। कू ऐप पर उपलब्ध ओडीओपी हैंडल पर जाकर इसके बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

इस बारे में सहगल ने बताया कू के साथ यह जुड़ाव हमारे ओडीओपी उत्पादों को बड़े उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाने में मदद करेगा और कई क्षेत्रीय भाषाओं में ओडीओपी के विषय में बातचीत को बढ़ावा देगा।

कू के सह-संस्थापक अप्रमेय राधाकृष्ण ने कहा कि जब भी ओडीओपी के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को विश्वस्तर पर बढ़ावा देने की बात आती है तो उत्तर प्रदेश की गिनती अग्रणी राज्य के रूप में होती है।

‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 2018 में शुरू की गई एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के स्थानीय कारीगरों को उनके उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, मार्केटिंग और ब्रांडिंग में मदद करना है।

भाशा जफर रंजन अजय

अजय


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