नयी दिल्ली, आठ जनवरी (भाषा) भारत के नेतृत्व वाला अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) अपने 125 सदस्य देशों के साथ मिलकर सौर ऊर्जा के माध्यम से जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने के प्रयास जारी रखेगा। अमेरिका के इस गठबंधन से बाहर निकलने के बाद आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
आईएसए का मुख्यालय गुरुग्राम में स्थित है। यह भारत और फ्रांस की संयुक्त पहल है, जिसका उद्देश्य सौर ऊर्जा के माध्यम से जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों को एकजुट करना है। इसे 2015 में पेरिस में सीओपी21 (जलवायु परिवतर्न पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन) सम्मेलन के दौरान शुरू किया गया था।
समझौता मसौदा में 2020 में किए गए संशोधन के बाद अब सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश इस गठबंधन में शामिल हो सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अमेरिका को अलग कर दिया है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी इकाइयां और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) शामिल हैं।
उन्होंने इन्हें ‘अनावश्यक’ और अमेरिका के हितों के खिलाफ बताया है।
ट्रंप ने बुधवार को ‘संयुक्त राज्य अमेरिका के हितों के प्रतिकूल अंतरराष्ट्रीय संगठनों, सम्मेलनों और संधियों से अमेरिका को बाहर निकालना’ शीर्षक वाले एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
हस्ताक्षर के बाद ट्रंप ने कहा कि उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला है कि 66 संयुक्त राष्ट्र और गैर-संयुक्त राष्ट्र संगठनों का सदस्य बने रहना, उनमें भागीदारी करना या किसी भी रूप में उन्हें समर्थन देना अमेरिका के हितों के खिलाफ है।
इस विकास पर प्रतिक्रिया देते हुए आधिकारिक सूत्रों ने कहा, ‘भारत सरकार ने मीडिया की खबरों को देखा है, जिनमें 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों, जिनमें आईएसए भी शामिल है, से अमेरिका के बाहर निकलने का जिक्र किया गया है।’
उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सदस्य देशों के साथ काम करना जारी रखेगा। खासकर सबसे कम विकसित देशों और छोटे द्वीपीय विकासशील देशों के साथ, ताकि सौर ऊर्जा के विकास और उपयोग, वित्तीय संसाधनों के जुटाने, क्षमता निर्माण और जोखिम की धारणा को कम करने में सहयोग किया जा सके।
भारत इस गठबंधन का अध्यक्ष देश है, जिसमें अब 125 सदस्य और संधि पर हस्ताक्षर करने वाले देश शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह संगठन अपने सदस्यों को एक साथ मिलकर सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आम चुनौतियों से निपटने और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सौर ऊर्जा के विस्तार में मदद करने पर ध्यान केंद्रित करता रहेगा, ताकि सभी के लिए ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
आईएसए के कार्यक्रम 95 से अधिक देशों में सक्रिय हैं, जो राष्ट्रीय योजनाओं, नियामक ढांचों और बाजार सृजन में सहयोग कर रहे हैं। संगठन ने विभिन्न क्षेत्रों में सौर ऊर्जा समाधानों की प्रभावशीलता और व्यवहार्यता को दिखाने में सफलता हासिल की है।
भाषा
योगेश रमण
रमण