अगले प्रोत्साहन पैकेज में छोटी अवधि वाली ढांचागत परियोजनाओं पर होना चाहिए जोर: राजीव कुमार

अगले प्रोत्साहन पैकेज में छोटी अवधि वाली ढांचागत परियोजनाओं पर होना चाहिए जोर: राजीव कुमार

अगले प्रोत्साहन पैकेज में छोटी अवधि वाली ढांचागत परियोजनाओं पर होना चाहिए जोर: राजीव कुमार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:27 pm IST
Published Date: October 22, 2020 5:22 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि विभिन्न संगठनों के अनुमान के विपरीत देश की अर्थव्यवसथा में चालू वित्त वर्ष में गिरावट कम रहने की संभावना है।

उन्होंने यह भी कहा कि अगले प्रोत्साहन पैकेज में कम अवधि में तैयार होने वाली ढांचागत परियोजनाओं पर जोर दिया जाना चाहिए।

पब्लिक अफेयर्स फोरम के ‘ऑनलाइन’ कार्यक्रम में भाग लेते हुए कुमार ने कहा कि सरकार ‘हेलीकाप्टर मनी’ पर गौर नहीं कर रही है।

‘हेलीकाप्टर मनी’ से आशय अर्थव्यवस्था में केंद्रीय बैंक द्वारा नकदी की मात्रा यानी मुद्रा की आपूर्ति बढ़ाने के उपायों से है।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग हैं जो अब कह रहे हैं कि यह उतना खराब नहीं हो सकता जितना कि पूर्वानुमान लगाया गया है। इस बात के संकेत हैं कि अर्थव्यवस्था में 9.5 प्रतिशत या 10 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका नहीं है, जैसा कि हमने पहले सोचा था।’’

कुमार ने कहा कि अगस्त और सितंबर में पुनरूद्धार बेहतर रहा है और पीएमआई, बिजली खपत, औद्योगिक उत्पादन जैसे कई प्रमुख आंकड़ों से यह पता चलता है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि तीसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि में गिरावट अनुमान से कम होगी। चौथी तिमाही में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।’’

नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा, ‘‘अगर यह सही है, मुझे लगता है कि गिरावट अनुमान के मुकाबले कम होगी। हालांकि, गिरावट स्वयं एक अभूतपूर्व चीज है।’’

उल्लेखनीय है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 9.5 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान जताया है जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्वबैंक ने क्रमश: 10.3 प्रतिशत और 9.6 प्रतिशत गिरावट की आशंका जतायी है।

कुमार ने यह भी कहा कि अगले प्रोत्साहन पैकेज में उन ढांचागत परियोजनाओं पर जोर होना चाहिए, जिनमें कम समय लगता है। इसका अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और वृद्धि टिकाऊ हो सकती है।

भाषा रमण महाबीर

महाबीर


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