रोजगार पर एआई का समग्र प्रभाव सकारात्मकः आरबीआई डिप्टी गवर्नर

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रोजगार पर एआई का समग्र प्रभाव सकारात्मकः आरबीआई डिप्टी गवर्नर

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  • Publish Date - February 6, 2026 / 10:43 PM IST,
    Updated On - February 6, 2026 / 10:43 PM IST

मुंबई, छह फरवरी (भाषा) रोजगार पर कृत्रिम मेधा (एआई) के प्रभाव को लेकर फैली चिंताओं के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की डिप्टी गवर्नर पूनम गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि नई प्रौद्योगिकी का कुल प्रभाव रोजगार के लिए सकारात्मक ही रहेगा।

गुप्ता ने कहा कि एआई के आने से कुछ नौकरियां खत्म हो सकती हैं, लेकिन असली चुनौती यह है कि इस बदलाव को सही तरीके से संभाला जाए।

द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद आरबीआई मुख्यालय में गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा कि आरबीआई ने हाल ही में एआई के उत्पादकता और रोजगार पर प्रभाव का सर्वेक्षण किया है और फिलहाल इसमें कोई नकारात्मक असर नजर नहीं आया है।

उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में उत्पादकता के आंकड़े अच्छे पाए गए हैं। रोजगार के मामले में, चाहे अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण हों या भारत में किए गए घरेलू सर्वेक्षण अब तक के परिणाम यह दिखाते हैं कि कुल मिलाकर एआई का रोजगार पर प्रभाव सकारात्मक है।

उन्होंने कहा कि किसी भी नई प्रौद्योगिकी की तरह एआई के आने से भी ‘चर्निंग’ (उलटफेर) हो रही है। हालांकि, अब तक एआई की वजह से रोजगार पर कुल प्रभाव सकारात्मक रहा है।

गुप्ता ने कहा, “इस ‘चर्निंग’ का मतलब यह है कि कुछ लोगों की नौकरियां जाती हैं और कुछ को नई नौकरियां मिलती हैं। असली चुनौती इस बदलाव के दौर में संक्रमण की होती है।”

उन्होंने कहा कि कौशल और श्रम बाजारों को तेजी से बढ़ते क्षेत्रों की ओर स्थानांतरित होना होगा, ताकि इस बदलाव का लाभ उठाया जा सके।

भाषा योगेश प्रेम

प्रेम