मुंबई, छह फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ ‘महायुति’ के भीतर की खींचतान को उजाकर करते हुए शिवसेना के कम से कम तीन वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को उनके पति और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख अजित पवार के निधन के महज तीन दिन में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाए जाने की आलोचना की है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हालांकि अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों की टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की ‘‘निम्न स्तर की राजनीति बंद होनी चाहिए।’’
‘महायुति’ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अलावा एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना और दिवंगत अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं। अजित पवार का 28 जनवरी को पुणे के बारामती में हुए विमान हादसे में निधन हो गया था और 31 जनवरी को उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उप मुख्यमंत्री की शपथ ली थी।
सामाजिक न्याय मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने शुक्रवार को छत्रपति संभाजीनगर में कहा कि इस दुखद घटना के तुरंत बाद शपथ लेना आम लोगों को स्वीकार्य नहीं है।
उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने पर किसी को दुखी नहीं होना चाहिए, ‘‘लेकिन इस बात पर संदेह है कि शपथ ग्रहण समारोह इतनी जल्दी क्यों हुआ।’’ उन्होंने सवाल किया , ‘‘ क्या किसी ने इसकी पटकथा लिखी थी?’’
शिवसेना के एक अन्य नेता और पूर्व मंत्री रामदास कदम ने राकांपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे पर निशाना साधते हुए कहा था कि उन्होंने उन लोगों के हितों के खिलाफ काम किया जिन्होंने उनके करियर में आगे बढ़ने में उनकी मदद की थी।
कदम ने कहा, ‘‘दादा (अजित पवार) की मृत्यु के बाद,तटकरे ने शरद पवार को मात देने की गंदी राजनीति की, जो शर्मनाक है। दादा की मृत्यु के तुरंत बाद सुनेत्रा पवार को शपथ दिलाना महाराष्ट्र की संस्कृति के अनुरूप नहीं है। महाराष्ट्र सुनील तटकरे को कभी माफ नहीं करेगा।’’
शिवसेना नेताओं के बयानों के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह विवाद ‘‘अनावश्यक और गलत’’ है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस मामले में हर कोई अपनी-अपनी राजनीति करने की कोशिश कर रहा है। इस तरह की घटिया राजनीति बंद होनी चाहिए।’’
भाषा धीरज प्रशांत
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