रुपया तीन पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.94 प्रति डॉलर पर बंद हुआ

रुपया तीन पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.94 प्रति डॉलर पर बंद हुआ

रुपया तीन पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.94 प्रति डॉलर पर बंद हुआ
Modified Date: September 29, 2026 / 09:07 pm IST
Published Date: September 29, 2026 9:07 pm IST

मुंबई, 29 सितंबर (भाषा) अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की उम्मीदों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप के कारण रुपया, मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तीन पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.94 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

विश्लेषकों के मुताबिक, स्थानीय आयातकों की मजबूत डॉलर मांग आने और मजबूत अमेरिकी मुद्रा ने रुपये की तेजी को सीमित कर दिया।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि रुपये के 96 प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंचने पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की तरफ से भी हस्तक्षेप किए जाने की संभावना है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 96.03 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 96.15 के निचले स्तर तक गया। कारोबार के अंत में यह पिछले बंद भाव से तीन पैसे मजबूत होकर 95.94 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

सोमवार को रुपया दो सप्ताह में दूसरी बार 96 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे गया था और 22 पैसे गिरकर 95.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, मजबूत डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी पर बढ़ती ब्याज दरों के कारण रुपये पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिये बातचीत की उम्मीद निचले स्तर पर रुपये को सहारा दे सकती है।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.24 प्रतिशत बढ़कर 101.44 पर पहुंच गया।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.40 प्रतिशत गिरकर 106.86 डॉलर प्रति बैरल पर था।

घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 242.65 अंक गिरकर 72,529.07 अंक और निफ्टी 64.05 अंक टूटकर 22,716.20 अंक पर बंद हुआ।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने मंगलवार को शुद्ध रूप से 9,980.22 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की।

सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से अगस्त में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि बढ़कर आठ प्रतिशत हो गई, जो जुलाई में 7.4 प्रतिशत थी।

भाषा राजेश राजेश पाण्डेय

पाण्डेय


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