भंडार गृह, शीत गृह श्रृंखला के लिए रेटिंग मानक तय करने को एडीबी के साथ काम कर रहा है डीपीआईआईटी

भंडार गृह, शीत गृह श्रृंखला के लिए रेटिंग मानक तय करने को एडीबी के साथ काम कर रहा है डीपीआईआईटी

भंडार गृह, शीत गृह श्रृंखला के लिए रेटिंग मानक तय करने को एडीबी के साथ काम कर रहा है डीपीआईआईटी
Modified Date: September 29, 2026 / 08:28 pm IST
Published Date: September 29, 2026 8:28 pm IST

नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के साथ मिलकर भंडारगृह और शीत गृह श्रृंखला के लिए श्रेणीकरण (ग्रेडिंग) और मानकों के निर्धारण (रेटिंग मानक) बनाने पर काम कर रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

डीपीआईआईटी में संयुक्त सचिव, पंकज कुमार ने यह भी कहा कि वे एमएमएलपी (मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क) के लिए दिशानिर्देश बनाने पर काम कर रहे हैं।

ये पहल देश के लॉजिस्टिक क्षेत्र को आधुनिक बनाने, विदेशी निवेश को आकर्षित करने और खाद्य पदार्थो की बर्बादी को कम करने में मदद कर सकती है। इससे उन्हें आसानी से और सस्ते में ऋण मिलने में भी मदद मिलेगी।

कुमार ने फिक्की के लॉजिस्टिक, भंडारगृह और शीतगृह श्रृंखला सम्मेलन 2026 में कहा, ‘‘हम एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के साथ मिलकर भंडारगृह और शीतगृह श्रृंखला ग्रेडिंग और रेटिंग मानक बेंचमार्क बनाने पर काम कर रहे हैं… हम एमएमएलपी दिशानिर्देश पर काम कर रहे हैं, जिसमें हमें शीतगृह श्रृंखला और भंडारगृह में मूल्यवर्धन के लिए कई विचार प्राप्त हुए हैं।’’

उन्होंने कहा कि विभाग, राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि भंडारगृह और शीतगृह श्रृंखला को उनकी राज्य लॉजिस्टिक नीति का हिस्सा बनाया जा सके।

कुमार ने आगे कहा, ‘‘हम राज्य सरकारों के साथ मिलकर शहर के लिए लॉजिस्टिक योजना तैयार करने पर भी काम कर रहे हैं। शहर में लॉजिस्टिक की योजना कैसी हो, जिसमें शहर के अंदर और आसपास भंडारगृह, डार्क स्टोर और शीतगृह श्रृंखला शामिल हों और उनकी योजना कैसे की जाए।’’

देश में भंडारगृह और शीतगृह श्रृंखला के महत्व पर जोर देते हुए कुमार ने कहा कि ये लॉजिस्टिक बुनियादी ढांचे और सेवाओं के मुख्य केंद्र (नर्व सेंटर) हैं, क्योंकि ये मजबूत आपूर्ति श्रृंखला को आधार देते हैं।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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