रुपया शुरुआती कारोबार में 33 पैसे चढ़कर 92.85 प्रति डॉलर पर

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रुपया शुरुआती कारोबार में 33 पैसे चढ़कर 92.85 प्रति डॉलर पर

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  • Publish Date - April 6, 2026 / 10:01 AM IST,
    Updated On - April 6, 2026 / 10:01 AM IST

मुंबई, छह अप्रैल (भाषा) रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में 33 पैसे चढ़कर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.85 पर पहुंच गया।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी, डॉलर के मजबूत होने और अस्थिर भू-राजनीतिक स्थिति के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण घरेलू मुद्रा पर दबाव बना कायम है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 93.13 प्रति डॉलर पर खुला। फिर डॉलर के मुकाबले 33 पैसे चढ़कर 92.85 पर पहुंच गया।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कड़े कदमों के बाद रुपये में बृहस्पतिवार को कई वर्षों की सबसे बड़ी एकदिवसीय तेजी दर्ज की गई और यह अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 152 पैसे मजबूत होकर 93.18 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ था।

‘गुड फ्राइडे’ के उपलक्ष्य में शुक्रवार को मुद्रा व शेयर बाजार बंद थे।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 100.17 पर रहा।

घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 270.13 अंक टूटकर 73,049.42 अंक पर जबकि निफ्टी 93.60 अंक फिसलकर 22,619.50 अंक पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 109.75 डॉलर प्रति बैरल रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिवकाल रहे थे और उन्होंने 9,931.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

गौरतलब है कि केंद्रीय बैंक ने निर्देश दिया है कि अधिकृत डीलर यानी विदेशी मुद्रा लेनदेन की अनुमति वाले बैंक अब रुपये से जुड़े ‘नॉन-डिलीवेरेबल डेरिवेटिव’ (एनडीडी) अनुबंधों की पेशकश निवासी एवं अनिवासी ग्राहकों के लिए नहीं कर सकेंगे। हालांकि, अधिकृत डीलर बैंकों को ‘डिलीवेरेबल’ विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव अनुबंध पेश करने की अनुमति जारी रहेगी, ताकि ग्राहक जोखिम से बचाव की अपनी जरूरतों को पूरा कर सकें। इसके साथ शर्त यह है कि ग्राहक इसके समानांतर ‘नॉन-डिलीवेरेबल’ सौदे नहीं कर सकेंगे।

इससे पहले, आरबीआई ने अधिकृत डीलर बैंकों के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की ‘नेट ओपन पोजीशन’ (विदेशी मुद्रा में कुल खरीद एवं बिक्री के बीच का अंतर) पर 10 करोड़ डॉलर की सीमा भी तय की थी।

भाषा निहारिका

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