थीम इंजीनियरिंग पर नई राजमार्ग परियोजनाओं की निविदाओं में भाग लेने को लेकर पाबंदी

थीम इंजीनियरिंग पर नई राजमार्ग परियोजनाओं की निविदाओं में भाग लेने को लेकर पाबंदी

थीम इंजीनियरिंग पर नई राजमार्ग परियोजनाओं की निविदाओं में भाग लेने को लेकर पाबंदी
Modified Date: September 22, 2026 / 08:12 pm IST
Published Date: September 22, 2026 8:12 pm IST

नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के निर्माण से जुड़ी सलाहकार कंपनी थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज को सड़क परिवहन मंत्रालय और एनएचएआई की राजमार्ग परियोजनाओं की भविष्य की निविदाओं में दो साल के लिए भाग लेने से रोक दिया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

एनएचएआई की यह कार्रवाई कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के एक हिस्से के क्षतिग्रस्त होने के बाद हुई है। राजमार्ग प्राधिकरण ने पीएनसी इन्फ्राटेक की परियोजना संचालक कंपनी अवध एक्सप्रेसवे पर लगाई गई पाबंदी को उसकी मूल कंपनी तक भी बढ़ा दिया है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘सलाहकार समझौते के तहत उपलब्ध शक्तियों का उपयोग करते हुए एनएचएआई ने थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लि. को इशिता इन्फो सॉल्यूशंस प्राइवेट लि. के साथ मिलकर तथा दोनों कंपनियों को अलग-अलग भी, संबंधित नीति के तहत आगे आने वाली एनएचएआई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचआईडीसीएल और केंद्र सरकार की अन्य सड़क परियोजनाओं की भविष्य की निविदाओं में दो साल की अवधि के लिए भाग लेने से रोक दिया है।’’

उन्होंने कहा कि यह पाबंदी स्वतंत्र इंजीनियर के तौर पर अनुबंध संबंधी दायित्वों के पालन में गंभीर चूक के कारण लगाई गई है। इसमें आवश्यक पेशेवर सावधानी बरतने, प्रभावी निगरानी और गुणवत्ता की जांच करने में विफलता शामिल है।

अधिकारी के अनुसार, ये चूक सड़क की सतह, तटबंध और ढलान की सुरक्षा, जल निकासी तथा इससे जुड़ी सुरक्षा और रखरखाव वाली परिसंपत्तियों के संबंध में हुई हैं।

इस महीने की शुरुआत में पीएनसी इन्फ्राटेक लि. ने कहा था कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने उसकी अनुषंगी और परियोजना संचालक कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लि. पर लगाई गई पाबंदी को मूल कंपनी तक बढ़ा दिया है।

पिछले महीने एनएचएआई ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली निलंबित कर दी थी। एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त होने को लेकर आलोचना के बाद यह कदम उठाया गया था।

तेरह जुलाई को उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह के भीतर 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे के विभिन्न हिस्सों में सड़क क्षतिग्रस्त होने और मरम्मत के लिए पैबंद लगाए जाने की व्यापक शिकायतें सामने आई थीं।

भाषा रमण अजय

अजय


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