नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) वाणिज्य मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत आने वाले तंबाकू बोर्ड ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर सिगरेट पर उत्पाद शुल्क में बहुत ज़्यादा बढ़ोतरी के उद्योग के साथ ही लाखों किसानों और मज़दूरों पर पड़ने वाले बुरे असर के बारे में बताया है।
एक फरवरी से लागू उत्पाद शुल्क बढ़ोतरी की वजह से असल में कीमत में 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
कर में भारी बढ़ोतरी से गैरकानूनी सिगरेट के व्यापार में तेज़ी आने का खतरा बढ़ गया है, जो दुनिया भर में एक गंभीर आर्थिक और प्रशासनिक चुनौती के रूप में उभरा है।
गैर-विनियमित बाजार, सरकारों को काफ़ी कर राजस्व से वंचित करता है, सही धंधे को कमज़ोर करता है, संगठित आपराधिक नेटवर्क को बढ़ावा देता है, और जन स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है।
तंबाकू बोर्ड के चेयरमैन यशवंत कुमार चिदिपोथु ने 10 फरवरी को लिखे पत्र में कहा, ‘‘उद्योग की गंभीर स्थिति और किसान समुदाय पर इसके बड़े असर को देखते हुए, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप दखल दें और तंबाकू उत्पादों पर ज़्यादा शुल्क दरों को बदलें।’’
भाजपा के वरिष्ठ नेता चिदिपोथु ने कहा कि वह एफसीवी (फ्लू-क्योर्ड वर्जीनिया) तंबाकू किसानों की ओर से लिख रहे हैं, जिन्होंने कर बढ़ोतरी पर अपनी गंभीर चिंताएं बताने के लिए उनसे संपर्क किया था।
उन्होंने कहा कि जैसा कि मीडिया में बताया गया है, किसानों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है और अपने-अपने सांसदों को ज्ञापन दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ज़्यादा कर और कीमत का अंतर तस्करी को काफी बढ़ावा देता है।
उन्होंने कहा, ‘‘सिगरेट पर उत्पाद शुल्क में बहुत ज़्यादा बढ़ोतरी ने पूरी तंबाकू मूल्य श्रृंखला में गंभीर परेशानी पैदा कर दी है, जिससे लाखों किसान, मज़दूर और छोटी दुकानें प्रभावित हुई हैं जो अपनी रोज़ी-रोटी के लिए इस क्षेत्र पर निर्भर हैं।’’
भाषा राजेश राजेश अजय
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