व्यापार समझौते से भारत के श्रम-बहुल, विनिर्माण क्षेत्रों को मिलेंगे नए अवसरः राजस्व सचिव

व्यापार समझौते से भारत के श्रम-बहुल, विनिर्माण क्षेत्रों को मिलेंगे नए अवसरः राजस्व सचिव

व्यापार समझौते से भारत के श्रम-बहुल, विनिर्माण क्षेत्रों को मिलेंगे नए अवसरः राजस्व सचिव
Modified Date: February 3, 2026 / 04:47 pm IST
Published Date: February 3, 2026 4:47 pm IST

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते से दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार अधिक विस्तृत और गहरा होगा जिससे श्रम-बहुल एवं विनिर्माण क्षेत्रों को अमेरिकी बाजार में नए अवसर मिलेंगे। वित्त मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को यह बात कही।

इस व्यापार समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लगाया जाने वाला जवाबी शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से टेलीफोन पर बातचीत के बाद इस समझौते पर सहमति बनने की घोषणा की थी।

राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने कहा, “भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार को और विस्तार एवं गहराई देगा।”

उन्होंने कहा, ‘‘इससे अमेरिकी बाजार में हमारे श्रम-बहुल एवं विनिर्माण क्षेत्रों के लिए अधिक अवसर पैदा होंगे और उच्च एवं उन्नत प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में परस्पर लाभकारी सहयोग को गति मिलेगी।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने पर खुशी जताई।

उन्होंने कहा, “मेड इन इंडिया उत्पादों पर अब 18 प्रतिशत का घटा हुआ शुल्क लागू होगा। इस महत्वपूर्ण घोषणा के लिए भारत के 1.4 अरब लोगों की तरफ से राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद।”

समझौते के तहत भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत का शुल्क चीन, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों की तुलना में कम होगा, जिससे भारत की प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल अगस्त में भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर कुल 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था, जिसमें रूस से तेल खरीद को लेकर लगाया गया 25 प्रतिशत का दंडात्मक शुल्क भी शामिल था। इस कदम से भारत के निर्यात पर प्रतिकूल असर पड़ा था।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

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