प्लास्टिक के महत्तम उपयोग की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए यूएनडीपी, एचयूएल ने की साझेदारी
प्लास्टिक के महत्तम उपयोग की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए यूएनडीपी, एचयूएल ने की साझेदारी
नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) भारत में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (एचयूएल) ने सोमवार को प्लास्टिक के लिए एक समावेशी महत्तम उपयोग की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए साझेदारी की घोषणा की। इसका लक्ष्य 2028 तक 50 शहरों में 50,000 सफाई मित्रों और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों को समर्थन देना है।
महत्तम उपयोग की अर्थव्यवस्था से आशय प्लास्टिक को इस्तेमाल करने के बाद फेंकने के बजाय उसे दोबारा इस्तेमाल, मरम्मत या रीसायकल करके फिर से इस्तेमाल में लाने से है।
एक संयुक्त बयान में कहा गया कि सात वर्षों के सहयोग को आगे बढ़ाते हुए यह साझेदारी चार क्षेत्रों – सामाजिक समावेशन, शहरी अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने, पुनर्चक्रण दक्षता में सुधार और ज्ञान के हस्तांतरण – पर केंद्रित होगी।
बयान में कहा गया कि सामाजिक समावेशन के तहत, यह कार्यक्रम महिलाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ 50,000 सफाई मित्रों की आजीविका को औपचारिक रूप देने और उसमें सुधार करने की दिशा में काम करेगा।
इसमें कहा गया कि यह 50 शहरों और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) को कुशल, विकेंद्रीकृत और लचीली समग्र अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करने में सहायता प्रदान करेगा।
बयान के अनुसार, यह साझेदारी एचयूएल के ‘प्रोजेक्ट सर्कुलर भारत’ का हिस्सा है, जो आर्थिक रूप से व्यवहार्य प्लास्टिक चक्रीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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