सरकार ने गेहूं और उसके उत्पादों के निर्यात पर लगी रोक हटाई

सरकार ने गेहूं और उसके उत्पादों के निर्यात पर लगी रोक हटाई

सरकार ने गेहूं और उसके उत्पादों के निर्यात पर लगी रोक हटाई
Modified Date: August 24, 2026 / 05:53 pm IST
Published Date: August 24, 2026 5:53 pm IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) सरकार ने सोमवार को गेहूं और उसके उत्पादों के निर्यात पर लगी रोक तत्काल प्रभाव से हटा दी। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।

दुनिया में गेहूं के दूसरे बड़े उत्पादक देश भारत ने घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी पर काबू पाने के लिए मई, 2022 में गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।

रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से गेहूं की वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर असर देखने का मिला है।

विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की तरफ से जारी अधिसूचनाओं के मुताबिक, सरकार ने गेहूं के आटे और मैदा, सूजी एवं साबुत गेहूं के आटे जैसे अन्य उत्पादों के निर्यात पर लगी रोक भी हटा दी है।

एक अधिसूचना में कहा गया, ‘‘गेहूं की निर्यात नीति को तत्काल प्रभाव से ‘प्रतिबंधित’ के स्थान पर ‘मुक्त’ कर दिया गया है।’’

सरकार ने इस साल फरवरी में 25 लाख टन गेहूं के निर्यात की अनुमति दी थी।

केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने अप्रैल में कहा था कि बेमौसम बारिश और प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में ओलावृष्टि से फसल को हुए नुकसान के बाद फसल वर्ष 2025-26 में देश का गेहूं उत्पादन 11 से 12 करोड़ टन के बीच रहने का अनुमान है।

रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने इस साल गेहूं का उत्पादन 11.06 करोड़ टन रहने का अनुमान लगाया है, जो हाल में मौसम से हुए नुकसान को ध्यान में रखते हुए भी 2024-25 के 10.96 करोड़ टन के उत्पादन से थोड़ा अधिक है।

सरकार के पास 31 मार्च, 2026 तक 2.22 करोड़ टन गेहूं का भंडार मौजूद था।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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