मुंबई, 23 अप्रैल (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 9.83 प्रतिशत बढ़कर 5,503.61 करोड़ रुपये रहा।
बैंक ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में शुद्ध ब्याज आय या मुख्य आय सालाना आधार पर 1.14 प्रतिशत घटकर 9,406 करोड़ रुपये रही।
बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी आशीष पांडेय ने कहा कि बैंक की ऋण वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में उद्योग की 15.6 प्रतिशत वृद्धि से कम रही, लेकिन अगले वित्त वर्ष में इसे बराबर या उससे अधिक करने का लक्ष्य है।
उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष में बैंक के पास 55,000 करोड़ रुपये के कॉरपोरेट ऋण प्रस्ताव है, जिनमें से 30,000 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं।
आलोच्य तिमाही में कंपनी का एकल आधार पर शुद्ध लाभ 2025-26 की चौथी तिमाही में सालाना आधार पर 6.64 प्रतिशत बढ़कर 5,316 करोड़ रुपये रहा।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान बैंक की गैर-ब्याज आय भी 2.64 प्रतिशत घटकर 5,412 करोड़ रुपये रह गई। हालांकि तिमाही आधार पर यह 19.18 प्रतिशत बढ़ी, जिसका कारण बट्टे खातों में डाली गयी राशि की वसूली में वृद्धि है।
परिसंपत्ति गुणवत्ता में हालांकि सुधार हुआ। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) जनवरी-मार्च तिमाही में घटकर 2.82 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले 3.6 प्रतिशत थी।
बैंक के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 10 रुपये अंकित मूल्य के प्रत्येक इक्विटी शेयर पर पांच रुपये का लाभांश देने की सिफारिश की है। यह लाभांश शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर है।
भाषा योगेश रमण
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