वैश्विक उर्वरक कीमतों में ‘अकल्पनीय’ उछाल, ‘3एफ’ पर ध्यान देने की जरूरत : सीतारमण
वैश्विक उर्वरक कीमतों में ‘अकल्पनीय’ उछाल, ‘3एफ’ पर ध्यान देने की जरूरत : सीतारमण
मुंबई, 25 मई (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बाद वैश्विक उर्वरक कीमतों में अकल्पनीय उछाल आया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता की अपील का समर्थन करते हुए उन्होंने लोगों से मौजूदा हालात में ‘3एफ’ — ईंधन (फ्यूल), उर्वरक (फर्टिलाइजर) और विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) — पर ध्यान देने को कहा।
यहां सिडबी के 37वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट केवल एक कूटनीतिक या भू-राजनीतिक मसला नहीं है, बल्कि इसका आम लोगों और छोटे व्यवसायों पर भी दूरगामी प्रभाव पड़ रहा है और यह भारत सहित अन्य देशों के लिए भी एक चुनौती बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह संकट, जो फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के साथ शुरू हुआ था, 80-90 दिन से जारी है और इसका असर जिंस कीमतों पर पड़ा है।
संघर्ष शुरू होने के बाद से लगभग तीन महीनों तक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची और अस्थिर रही हैं, जबकि उर्वरक की कीमतें भी बढ़ी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि उर्वरक की कीमतों में ‘अकल्पनीय वृद्धि’ हुई है।
मंत्री ने कहा कि सोने की कीमतें भी बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि इस कीमती धातु को खरीदने से देश के विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आती है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा के यानी 3-एफ पर ध्यान देना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
भाषा राजेश राजेश अजय
अजय

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