दावोस में एएम ग्रीन ग्रुप के साथ उप्र सरकार का समझौता, 25 अरब डॉलर का होगा निवेश

दावोस में एएम ग्रीन ग्रुप के साथ उप्र सरकार का समझौता, 25 अरब डॉलर का होगा निवेश

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  • Publish Date - January 20, 2026 / 08:43 PM IST,
    Updated On - January 20, 2026 / 08:43 PM IST

लखनऊ, 20 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक के दौरान मंगलवार को एएम ग्रीन ग्रुप के साथ एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

इसके तहत प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एक गीगावाट क्षमता का अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो भारत में ‘हाई परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग’ (एचपीसी) और कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ते कार्य बोझ से जुड़ी जरूरतों को पूरा करेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में एएम ग्रीन समूह 25 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा।

एक बयान के मुताबिक यह समझौता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख डेटा सेंटर और एआई केंद्र बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगा।

एएम ग्रीन ग्रुप द्वारा स्थापित किया जाने वाला यह एआई बुनियादी ढांचा केंद्र चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण की शुरुआत वर्ष 2028 तक हो जाएगी, जबकि कंपनी के लक्ष्य के अनुसार 2030 तक यह सेंटर पूरी एक गीगावाट क्षमता के साथ काम करने लगेगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना में एएम ग्रीन समूह 25 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगा, जो भारत में अब तक के सबसे बड़े निवेशों में एक होगा। यह भारत सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विजन के अनुरूप एआई आधारित सेवाओं के विस्तार में तेजी लाने में सहायक साबित होगा।

यह डेटा सेंटर कार्बन मुक्त ऊर्जा का इस्तेमाल करते हुए भारतीय कंपनियों को भी चिपसेट एक्सेस उपलब्ध कराएगा, ताकि वे तेजी से देश में एआई समाधान का विकास कर सकें। एएम ग्रीन यहां एआई का मुकम्मल परिवेश विकसित करने पर काम कर रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार की डेटा सेंटर पॉलिसी, मजबूत औद्योगिक गलियारा, बेहतरीन कनेक्टिविटी और निवेशक अनुकूल माहौल के चलते एएम ग्रीन ग्रुप ने उत्तर प्रदेश को इस परियोजना के लिए चुना है। यह सुविधा 24×7 कार्बन मुक्त हरित ऊर्जा पर आधारित होगी, जिसमें पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पंप्ड स्टोरेज का उपयोग किया जाएगा।

इस परियोजना से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आने की संभावना है। साथ ही हजारों उच्च–कौशल वाले रोजगार सृजित होंगे। इससे हार्डवेयर विनिर्माण, सॉफ्टवेयर विकास और विशेष कूलिंग प्रौद्योगिकी से जुड़ा स्थानीय परिवेश विकसित होगा।

एएम ग्रीन ग्रुप के चेयरमैन अनिल चलमलसेट्टी ने कहा कि एआई हमारे दैनिक जीवन से जुड़ चुका है। यह भविष्य की आधारशिला भी है। एआई मुकम्मल ढांचा में हमारा प्रवेश हमारी ‘टेक्नोलॉजी-फर्स्ट’ सोच का स्वाभाविक विस्तार है, जिसके माध्यम से हम विभिन्न उद्योगों के लिए एकीकृत हर तरह के समाधान उपलब्ध कराएंगे।

कंपनी के अध्यक्ष महेश कोल्ली ने कहा कि हरित बिजली समाधान के साथ केवल एक डेटा सेंटर नहीं बना रहे हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के भविष्य के लिए एक टिकाऊ मॉडल तैयार कर रहे हैं।

भाषा जफर

रवि कांत रमण

रमण