UPI Charges in Stock Market: शेयर खरीदने से पहले जान लें ये नया पेच! UPI चार्ज को लेकर बड़ा सवाल, आखिर ब्रोकर देंगे या निवेशकों से वसूला जाएगा पैसा? जानें पूरा मामला

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UPI Charges in Stock Market: 15 अक्टूबर 2026 से UPI पर नया MDR चार्ज लागू होने की बात सामने आई है। इसका असर शेयर बाजार के लेनदेन पर भी पड़ सकता है। इस मुद्दे पर NSE के CEO ने हाल में स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि शेयर बाजार में लागू होने वाले इन चार्जेस का भुगतान आखिर किसके द्वारा किया जाएगा।

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 01:00 PM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 01:25 PM IST

(UPI Charges in Stock Market/ Image Credit: IBC24 News)

HIGHLIGHTS
  • 15 अक्टूबर 2026 से शेयर बाजार से जुड़े UPI भुगतान पर MDR लागू होगा।
  • MDR की दर 0.02% प्रति ट्रांजैक्शन तय की गई है।
  • एक लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 होगी।

नई दिल्ली: UPI Charges in Stock Market: यूपीआई पर लगने वाला नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) अब शेयर बाजार से जुड़े भुगतान (UPI Charges in Stock Market) तक भी पहुंच गया है। इसको लेकर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और सरकार के बीच बातचीत की खबरें सामने आई थीं। हालांकि NSE के एमडी और सीईओ आशीष कुमार चौहान ने स्पष्ट किया कि MDR को लेकर NSE की सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है।

15 अक्टूबर से लागू होगा नया MDR

15 अक्टूबर 2026 से शेयर, सिक्योरिटीज, म्यूचुअल फंड और स्टॉक ब्रोकर से जुड़े UPI भुगतान पर 0.02% MDR लागू होगा। वहीं, प्रत्येक ट्रांजैक्शन पर इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये रखी गई है। यानी बड़ी रकम का भुगतान करने पर भी एक लेनदेन के लिए MDR 300 रुपये से अधिक नहीं होगा।

ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाएगा शुल्क

MDR सीधे ग्राहक से वसूल किए जाने वाला शुल्क नहीं है। यह भुगतान प्राप्त करने वाले मर्चेंट या कारोबारी पक्ष (UPI Charges in Stock Market) की लागत होती है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि अतिरिक्त खर्च को ब्रोकर और अन्य संबंधित कंपनियां खुद वहन करेंगी या भविष्य में इसका किसी दूसरे तरीके से ग्राहकों पर असर पड़ सकता है।

ब्रोकरों के सामने क्यों है चुनौती?

मान लीजिए किसी ग्राहक ने UPI के जरिए ब्रोकर के खाते में पैसे जमा किए, लेकिन बाद में उन पैसों से कोई शेयर नहीं खरीदा। ऐसी स्थिति में भी ब्रोकर को MDR का खर्च उठाना पड़ सकता है। इसी वजह से शुल्क (UPI Charges in Stock Market) को लेकर ब्रोकरों के सामने लागत का सवाल खड़ा हो रहा है। आशीष कुमार चौहान के मुताबिक, इसका व्यावहारिक समाधान ब्रोकर और ग्राहक को निकालना होगा। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नए MDR को लेकर बाजार के प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है।

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UPI पर नया MDR कब से लागू होगा?

शेयर बाजार और कैपिटल मार्केट से जुड़े UPI भुगतान पर नया MDR 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।

MDR की दर कितनी होगी?

MDR 0.02% प्रति ट्रांजैक्शन होगा और इसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन रखी गई है।

क्या ग्राहक से सीधे MDR वसूला जाएगा?

दिए गए विवरण के अनुसार MDR सीधे ग्राहक से लिया जाने वाला शुल्क नहीं है। यह भुगतान प्राप्त करने वाले पक्ष की लागत है।

NSE और सरकार के बीच MDR को लेकर क्या बातचीत हुई?

NSE के MD और CEO आशीष कुमार चौहान के अनुसार, MDR को लेकर NSE की सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई है।