UPI Charges News: व्यापारियों की बल्ले-बल्ले! UPI ट्रांजैक्शन हुआ फ्री, जानिए किसे मिलेगा इसका सीधा फायदा

UPI Charges News: यूपीआई से भुगतान करने वालों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने साफ किया है कि यूजर्स से UPI पेंमेट पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। दुकानदारों और व्यापारियों के लिए भी ज्यादातर यूपीआई ट्रांजैक्शन मुफ्त रहेंगे। इससे डिजिटल भुगतान आसान होगा और कारोबारियों को अतिरिक्त फीस की चिंता भी नहीं रहेगी।

UPI Charges News: व्यापारियों की बल्ले-बल्ले! UPI ट्रांजैक्शन हुआ फ्री, जानिए किसे मिलेगा इसका सीधा फायदा

(UPI Charges News/ Image Credit: Pexels)

Modified Date: August 9, 2026 / 10:50 am IST
Published Date: August 9, 2026 10:49 am IST
HIGHLIGHTS
  • आम ग्राहकों के लिए UPI फ्री
  • P2P पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं
  • छोटे दुकानदारों को MDR से राहत

नई दिल्ली: UPI Charges News: अगर आप रोजमर्रा की खरीदारी और छोटे-मोटे भुगतान के लिए यूपीआई (UPI Charges News) का उपयोग करते हैं तो आपके लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने साफ किया है कि आम ग्राहकों से यूपीआई पेमेंट पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजना भी पहले की तरह फ्री रहेगा। छोटे दुकानदारों और सामान्य कारोबारियों पर भी ज्यादातर UPI ट्रांजैक्शन के लिए MDR यानी मर्चेंट फीस नहीं लगेगी। जिससे डिजिटल पेंमेट पहले की तरह आसान और किफायती रहेगा।

बड़े कारोबारियों पर लागू हो सकता है MDR

हाल ही में संसद के मानसून सत्र में ‘कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक 2026’ पेश किया गया है। इसका उद्देश्य भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 में बदलाव करना है। भविष्य में MDR लागू होने की स्थिति में यह केवल तय सीमा से अधिक कारोबार करने वाले बड़े मर्चेंट्स (UPI Charges News) पर लगाया जा सकता है। सरकार के अनुसार, यह शुल्क कार्ड पेमेंट के MDR की तुलना में काफी कम होगा। इसकी दर और शुरुआत का फैसला NPCI की संबंधित समिति करेगी।

यूपीआई को मजबूत बनाने की तैयारी

यूपीआई को लेकर हो रहे बदलाव को कुछ लोग आम जनता पर चार्ज लगाने को मान रहे हैं लेकिन इसका मकसद बिलकुल अलग है। सरकार के मुताबिक UPI को सुरक्षित और मजबूत रखने के लिए साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकने और तकनीकी ढांचे पर लगातार निवश जरूरी है। करोड़ों यूजर्स इस नेटवर्क को आगे बढ़ाने के लिए कंपनियो का मजबूत रेवेन्यू मॉडल भी जरूरी माना जा रहा है। सरकार सिर्फ सब्सिडी पर निर्भर रहने के बजायय यूपीआई क लंबे समय तक आत्मनिर्भर बनाना चाहती है।

यूपीआई से 29.9 लाख करोड़ का कारोबार

वित्त मंत्रालय के अनुसार, जुलाई 2026 में यूपीआई के जरिए 2,366 करोड़ लेन-देन हुए जिनकी कुल कीमत 29.9 लाख करोड़ रुपए रही। यूपीआई अब दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम (UPI Charges News) बन चुका है और यह 11 विदेश देशों में काम कर रही है यानी विदेश में जाकर भी हम यूपीआई की सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। बयान में कहा गया कि यूपीआई भारत का अपना नवाचार है और सरकार आने वाले दशकों तक इसकी स्थिरता सुनिश्चित करते हुए इसे नागरिकों के लिए मुफ्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।