अमेरिका में जनवरी के दौरान 1.30 लाख नए रोजगार मिले, बेरोजगारी दर घटी

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अमेरिका में जनवरी के दौरान 1.30 लाख नए रोजगार मिले, बेरोजगारी दर घटी

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  • Publish Date - February 11, 2026 / 09:06 PM IST,
    Updated On - February 11, 2026 / 09:06 PM IST

वाशिंगटन, 11 फरवरी (एपी) अमेरिकी नियोक्ताओं ने जनवरी माह में उम्मीद से कहीं अधिक 1.30 लाख नए रोजगार दिए जबकि बेरोजगारी दर घटकर 4.3 प्रतिशत पर आ गई।

इसके साथ ही अमेरिकी श्रम विभाग की तरफ से बुधवार को जारी वार्षिक संशोधनों में 2024-25 के रोजगार आंकड़ों में बड़ी कटौती की गई है।

जनवरी के रोजगार आंकड़े अर्थशास्त्रियों के 75,000 नौकरियों के अनुमान से कहीं बेहतर रहे। पिछले महीने कुल 1.30 लाख रोजगार दिए गए जिनमें स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र की हिस्सेदारी 82,000 नौकरियों के साथ 60 प्रतिशत से अधिक रही।

इसके अलावा 13 महीनों की गिरावट के बाद कारखानों में 5,000 नौकरियां आईं जबकि अमेरिका की संघीय सरकार में पिछले माह 34,000 रोजगार घट गए।

बेरोजगारी दर जनवरी में घटकर 4.3 प्रतिशत रह गई जबकि दिसंबर में यह 4.4 प्रतिशत थी। इस दौरान औसत प्रति घंटा वेतन दिसंबर की तुलना में 0.4 प्रतिशत बढ़ा।

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष सृजित नौकरियों की संख्या को संशोधित कर 1.81 लाख कर दिया गया है, जो महामारी से प्रभावित वर्ष 2020 के बाद सबसे कमजोर स्तर है और 5.84 लाख के पिछले अनुमान के आधे से भी कम है।

मार्च, 2025 तक के वर्ष के लिए मानक रोजगार संशोधन में पेरोल से कुल 8.98 लाख नौकरियां घटा दी गईं।

हाल में बड़े पैमाने पर छंटनी होने के बावजूद बेरोजगारी दर भर्तियों के आंकड़ों की तुलना में बेहतर नजर आई है। इसकी वजह यह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त आव्रजन नीतियों के चलते विदेश में जन्मे पेशेवरों की संख्या घट गई है।

दिसंबर में रिक्त पदों की संख्या घटकर 65 लाख रह गई, जो पांच वर्षों में सबसे कम है।

पेरोल प्रबंधक एडीपी के मुताबिक, निजी क्षेत्र ने जनवरी में केवल 22,000 नौकरियां जोड़ीं, जबकि भर्ती फर्म ‘चैलेंजर, ग्रे एंड क्रिसमस’ का कहना है कि अमेरिका में 1.08 लाख से अधिक कर्मचारियों की छंटनी हुई।

विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था हाल की तिमाहियों में चार प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ने के बावजूद ऊंची ब्याज दरें, व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता और स्वचालन एवं कृत्रिम मेधा (एआई) का बढ़ता उपयोग रोजगार वृद्धि को प्रभावित कर रहा है।

एपी प्रेम

प्रेम अजय

अजय