अमेरिकी कंपनियों ने छह माह में 60 अरब डॉलर से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई : गोयल

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अमेरिकी कंपनियों ने छह माह में 60 अरब डॉलर से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई : गोयल

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  • Publish Date - May 21, 2026 / 06:04 PM IST,
    Updated On - May 21, 2026 / 06:04 PM IST

नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले छह महीनों में अमेरिकी कंपनियों की ओर से भारत में 60 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धताएं जताई गई हैं।

गोयल ने बताया कि इसमें अमेजन और गूगल जैसी दिग्गज कंपनियों द्वारा डेटा सेंटर क्षेत्र में किए जाने वाले बड़े निवेश भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक कंपनियों के लिए एक भरोसेमंद ढांचा प्रदान करता है। साथ ही यह बड़े पैमाने, प्रतिभा और बाजार के अवसरों का एक ऐसा संयोजन पेश करता है जिसकी वैश्विक स्तर पर कोई तुलना नहीं है।

गोयल ने यहां ‘अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स’ की ‘एनुअल लीडरशिप समिट’ में कहा, ‘पिछले छह महीनों में अमेरिकी उद्योग की ओर से मिले निवेश के आश्वासन 60 अरब डॉलर से अधिक रहने का अनुमान है। इसमें अमेजन और गूगल जैसी कंपनियों द्वारा डेटा सेंटर में किए जाने वाले प्रमुख निवेश शामिल हैं।’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अमेरिका एक भरोसेमंद साझेदार की तलाश में है और भारत ने बौद्धिक संपदा अधिकारों के सम्मान के साथ समय पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराने की क्षमता लगातार प्रदर्शित की है।

उन्होंने कहा कि भारत के पास कुशल प्रतिभाओं का बड़ा समूह है और 1.4 अरब आकांक्षी भारतीयों, बढ़ती आय तथा विस्तार करते मध्यम वर्ग की मांग के कारण अमेरिकी नवाचार को बड़े पैमाने पर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

बाद में संवाददाताओं से बातचीत में गोयल ने कहा, “अमेरिका ने पिछले कुछ महीनों में भारत में करीब छह लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है। इनमें डेटा सेंटर, नए कारखाने, सेमीकंडक्टर संयंत्र और कई अन्य क्षेत्र शामिल हैं।”

गोयल ने कहा कि दोनों देश कृत्रिम मेधा (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और मशीन लर्निंग जैसी नई प्रौद्योगिकियों पर मिलकर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के अंतरिम पहले चरण को अंतिम रूप दे दिया है, जिसके तहत भारत को करीब 30 लाख करोड़ डॉलर के अमेरिकी बाजार में अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में तरजीही पहुंच मिलेगी।’

मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपना बहुत करीबी मित्र बताते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मेरा मानना है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा बेहद महत्वपूर्ण समय पर हो रही है और यह भारत-अमेरिका साझेदारी के मजबूत होते संबंधों को दर्शाती है, जिससे युवाओं, किसानों, महिलाओं, उद्यमियों, स्टार्टअप, कारोबार और उद्योगों के लिए नये तथा बड़े अवसर पैदा होंगे।’

रूबियो 23 मई से भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आएंगे। उनकी यह पहली भारत यात्रा होगी। यात्रा के दौरान व्यापार, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।

भाषा योगेश अजय

अजय