Reported By: Vijendra Pandey
,Engineer Ajay Singh NDPS Case Bhopal Airport || AI generated File
जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक इंजीनियर को 57 दिन तक गलत तरीके से जेल में रखने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को पीड़ित अजय सिंह को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। (Engineer Ajay Singh NDPS Case Bhopal Airport) अजय सिंह ग्वालियर के रहने वाले हैं और पेशे से इंजीनियर हैं। उन्हें भोपाल एयरपोर्ट पर एक तकनीकी गड़बड़ी के कारण ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।
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मामला मई 2010 का है, जब अजय सिंह भोपाल से दिल्ली जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। जांच के दौरान उनके बैग में रखे अमचूर और गरम मसाला के पैकेटों को ETD मशीन से चेक किया गया। मशीन ने इन पैकेटों में हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थ होने का संकेत दिया। इसके बाद गांधी नगर थाना पुलिस ने उनके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
जांच के लिए भेजे गए सैंपल पहले भोपाल की फॉरेंसिक लैब पहुंचे, लेकिन वहां जरूरी सुविधाएं नहीं होने के कारण जांच नहीं हो सकी। बाद में सैंपल हैदराबाद की केंद्रीय फॉरेंसिक लैब भेजे गए। (Engineer Ajay Singh NDPS Case Bhopal Airport) 30 जून 2010 को आई रिपोर्ट में साफ हो गया कि पैकेटों में कोई प्रतिबंधित पदार्थ नहीं था। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश की और 2 जुलाई 2010 को अजय सिंह को रिहा किया गया।
पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया कि एयरपोर्ट पर लगी ETD मशीन तकनीकी रूप से खराब थी। इसके बावजूद अजय सिंह को 57 दिन जेल में रहना पड़ा। बाद में उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
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हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक खोत ने कहा कि यह अजय सिंह के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। कोर्ट ने राज्य की फॉरेंसिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि जरूरी उपकरणों की कमी के कारण एक निर्दोष व्यक्ति को जेल जाना पड़ा। (Engineer Ajay Singh NDPS Case Bhopal Airport) कोर्ट ने मुख्य सचिव को एक महीने के भीतर राज्य की सभी फॉरेंसिक लैब की जांच करने और जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।