नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर सीबीएसई द्वारा इस वर्ष घोषित 12वीं कक्षा के नतीजों पर चिंता जताई और मूल्यांकन प्रक्रिया, पुनर्मूल्यांकन ढांचे और उत्तर पुस्तिका पहुंच पोर्टल को प्रभावित करने वाली तकनीकी खामियों की स्वतंत्र समीक्षा की अपील की।
ब्रिटास ने 21 मई को लिखे अपने पत्र में कहा कि परिणामों की घोषणा के बाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच व्यापक चिंता पैदा हो गई है। उन्होंने इसी के साथ 2025 में 88.39 प्रतिशत विद्यार्थियों के उत्तीर्ण होने के मुकाबले 2026 में 85.20 प्रतिशत छात्रों के उत्तीर्ण होने की ओर इशारा किया।
माकपा नेता ने कहा कि कई पर्यवेक्षकों ने इस गिरावट को ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली की शुरुआत, भौतिकी और गणित जैसे विषयों में कठिन प्रश्न पत्रों और सख्त मूल्यांकन पद्धतियों से जोड़ा है।
ब्रिटास ने उन छात्रों से जुड़ी खबरों पर भी ध्यान दिलाया, जिन्होंने जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं को उत्तीर्ण कर लिया है, लेकिन कथित तौर पर 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में न्यूनतम अर्हता अंक प्राप्त करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों ने नई मूल्यांकन प्रणाली की ‘‘निरंतरता, क्षमता और संक्रमणकालीन तैयारी’’ के बारे में चिंताएं पैदा की हैं।
ब्रिटास ने हालांकि स्वीकार किया कि पारदर्शिता में सुधार लाने और योग संबंधी त्रुटियों को दूर करने के लिए ओएसएम प्रणाली शुरू की गई थी, लेकिन उन्होंने दलील दी कि इस तरह के सुधारों को पहली बार बड़े पैमाने पर क्रियान्वित करने के लिए ‘‘सहानुभूतिपूर्ण और संतुलित दृष्टिकोण’’ की आवश्यकता थी, खासकर जब लाखों छात्रों का शैक्षणिक भविष्य दांव पर लगा हो।
सांसद ने पुनर्मूल्यांकन की मौजूदा व्यवस्था की भी आलोचना की, जिसके तहत पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ या घट सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा ढांचा ‘‘भय और निराशा का माहौल’’ बनाता है क्योंकि छात्रों को इस बात का खतरा रहता है कि यदि संशोधित मूल्यांकन में कम अंक आते हैं तो वे अपने मूल अंक खो देंगे, जिससे कई छात्र पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने से हतोत्साहित हैं।
ब्रिटास ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की उत्तर पुस्तिका तक पहुंच और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल को प्रभावित करने वाली गंभीर तकनीकी समस्याओं को भी रेखांकित किया, जिनमें लॉगिन विफलताओं, भुगतान त्रुटियों, बार-बार क्रैश होने और आवेदन अवधि के दौरान लंबे समय तक पोर्टल के काम नहीं करने की खबरों का हवाला दिया गया है।
भाषा धीरज नरेश
नरेश