अमेरिकी औषधि नियामक ने नियमों के उल्लंघन पर डाबर को जारी किया चेतावनी पत्र

अमेरिकी औषधि नियामक ने नियमों के उल्लंघन पर डाबर को जारी किया चेतावनी पत्र

अमेरिकी औषधि नियामक ने नियमों के उल्लंघन पर डाबर को जारी किया चेतावनी पत्र
Modified Date: August 5, 2026 / 10:01 pm IST
Published Date: August 5, 2026 10:01 pm IST

नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) ने रोजमर्रा के उपभोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) कंपनी डाबर इंडिया के सिलवासा स्थित औषधि विनिर्माण संयंत्र में उत्तम विनिर्माण प्रथाओं (सीजीएमपी) के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कंपनी को चेतावनी पत्र जारी किया है।

यूएसएफडीए ने 24 जुलाई को डाबर इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) मोहित मल्होत्रा को भेजे गए पत्र में आंकड़ों की विश्वसनीयता में कमी, गुणवत्ता निगरानी की अपर्याप्त व्यवस्था और विनिर्माण नियंत्रण में खामियों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है।

अमेरिकी नियामक के अनुसार, सिलवासा संयंत्र में अपनाई गई विनिर्माण पद्धतियां और गुणवत्ता नियंत्रण सीजीएमपी मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके कारण वहां निर्मित उत्पाद अमेरिकी कानून के तहत ‘मिलावटी’ श्रेणी में आते हैं।

इस पत्र के मुताबिक, जांच के दौरान यूएसएफडीए को विनिर्माण इकाई से संबंधित उपकरण उपयोग रजिस्टर में हेरफेर के भी प्रमाण मिले।

नियामक ने प्रयोगशाला अभिलेखों, सूक्ष्मजीव परीक्षण, उपकरण उपयोग के रिकॉर्ड, साझा उपकरणों की सफाई के सत्यापन और अधिकतर उत्पादों के विनिर्माण प्रक्रिया सत्यापन में भी गंभीर कमियां पाईं।

डाबर ने इन खामियों को स्वीकार करते हुए कर्मचारियों को दोबारा प्रशिक्षण देने, दस्तावेजीकरण में सुधार और सफाई सत्यापन प्रणाली मजबूत करने का आश्वासन दिया। लेकिन यूएसएफडीए ने कंपनी के जवाब को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि इससे गुणवत्ता और आंकड़ों की विश्वसनीयता से जुड़ी प्रणालीगत कमियों का समाधान नहीं होता है।

यूएसएफडीए ने बताया कि उसने पांच जून, 2026 से सिलवासा संयंत्र में बने सभी औषधीय उत्पादों को ‘आयात चेतावनी 66-40’ के दायरे में रखा है।

इसके साथ ही कंपनी को 15 कार्य दिवसों के भीतर सुधारात्मक कदमों का विस्तृत जवाब देने और स्वतंत्र सीजीएमपी विशेषज्ञ से संयंत्र का व्यापक ऑडिट कराने को कहा गया है।

भाषा यासिर प्रेम

प्रेम


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