(योषिता सिंह)
न्यूयार्क, तीन फरवरी (भाषा) अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक संगठनों और थिंक टैंक ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता एक व्यापक द्विपक्षीय समझौते की दिशा में पहला कदम है, जो निजी क्षेत्र के अधिक सहयोग के रास्ते खोलेगा।
यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स की अध्यक्ष और सीईओ सुजैन क्लार्क ने अमेरिका और भारत के बीच व्यापार समझौते की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी और भारतीय व्यवसाय लंबे समय से इसकी प्रतीक्षा कर रहे थे।
क्लार्क ने सोमवार को एक बयान में कहा, ”हम अमेरिका और भारत सरकार को शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने की उनकी घोषणा पर बधाई देते हैं, जिससे दोनों महान देशों की कंपनियों और श्रमिकों को लाभ होगा।”
चैंबर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ ही राजदूत विनय क्वात्रा और सर्जियो गोर सहित उनके अधिकारियों के प्रयासों की सराहना की।
एशिया सोसाइटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (एएसपीआई) की वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूर्व कार्यवाहक उप अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि वेंडी कटलर ने कहा कि व्यापार समझौते की घोषणा ”निश्चित रूप से हमारे भारतीय भागीदारों के लिए एक राहत है”, जिन्होंने किसी भी अन्य भागीदार की तुलना में उच्चतम शुल्क दरों का सामना किया है।
कटलर ने कहा, ”यह अमेरिका और भारत को महत्वपूर्ण खनिजों, तकनीकी सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर सहयोगात्मक रूप से काम करने का रास्ता साफ करने में मदद करेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर इसकी घोषणा कर दी, लेकिन इसके विवरण कम हैं।
कटलर ने यह भी कहा कि ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट की भाषा के आधार पर ऐसा लगता है कि अमेरिका ने यूरोपीय संघ द्वारा दिल्ली के साथ हाल ही में घोषित एफटीए की तुलना में अधिक मजबूत और व्यापक शुल्क कटौती हासिल की है।
भाषा पाण्डेय
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