नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने से ऊर्जा बाजारों में तेज बिकवाली के बीच सोमवार को कच्चे तेल का वायदा भाव पांच प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ तीन महीने के निचले स्तर 7,624 रुपये प्रति बैरल पर आ गया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर जून में आपूर्ति वाले कच्चे तेल के अनुबंधों की कीमत 449 रुपये या 5.56 प्रतिशत टूटकर 7,624 रुपये प्रति बैरल रह गई। इसमें 10,716 लॉट का कारोबार हुआ।
जुलाई में आपूर्ति वाले अनुबंधों की कीमत 422 रुपये या 5.3 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,546 रुपये प्रति बैरल हो गई। इसमें 5,110 लॉट का कारोबार हुआ।
विश्लेषकों के अनुसार, अब यह 11 मार्च के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया है जब यह 7,558 रुपये प्रति बैरल था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अगस्त में आपूर्ति वाले ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव 3.81 अमेरिकी डॉलर या 4.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83.52 डॉलर प्रति बैरल रह गया। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट के जुलाई अनुबंध की कीमत न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर 4.16 अमेरिकी डॉलर या 4.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80.72 डॉलर प्रति बैरल हो गई।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता होने की घोषणा करने के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है।
अमेरिका और ईरान ने 107 दिन चले युद्ध को समाप्त करने और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति जताई है।
अधिकारियों के अनुसार, शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक तौर पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
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